- काम से बचने के लिए बीडीएस इंटर्न ने लगाया था आरोप

- केजीएमयू में सर्जरी विभाग के डॉक्टर्स पर हरेसमेंट का मामला

- विशाखा कमेटी ने मामले को किया खारिज

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LUCKNOW: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में बीडीएस इंटर्न छात्रा का हैरेसमेंट का आरोप फर्जी निकला है. बीडीएस इंटर्न स्टूडेंट ने काम न करने के लिए रेजीडेंट डॉक्टर्स और डॉक्टर्स पर आरोप लगाया था. मामला विशाखा कमेटी के पास पहुंचा तो जांच में ये तथ्य निकलकर सामने आए.

मच गया था हड़कंप

दो माह पूर्व बीडीएस की इंटर्न छात्रा ने सर्जरी विभाग के जूनियर रेजीडेंट, चीफ रेजीडेंट और एचओडी पर हरेसमेंट के आरोप लगाए थे. गर्ल स्टूडेंट द्वारा हरेसमेंट का आरोप लगने के बाद हड़कम्प मच गया था. लड़की ने सीधे वीसी से शिकायत की थी. वीसी ने मामले को विशाखा कमेटी की ओर रिफर कर दिया था.

देर रात तक की थी ड्यूटी

पिछले दो माह से जांच कर रही विशाखा कमेटी ने लड़की से कई बार पूछताछ की. इस दौरान जांच में निकल कर आया कि लड़की ने जिस रेजीडेंट पर आरोप लगाया है, वह उससे कभी मिली ही नहीं. यही नहीं पूछताछ में पता चला कि उसने शिकायत इसलिए की थी कि उसकी ड्यूटी देर रात तक लगाई जाती है. उसने बताया कि एक दिन तो आधे घंटे तक कोई मरीज ही नहीं आया. फिर भी उसे जाने नहीं दिया गया.

कमेटी ने दी सख्त हिदायत

जब विशाखा कमेटी को पता चला कि लड़की ने कामचोरी के लिए ऐसा आरोप लगाया है तो मामले को खारिज कर दिया. पेशेंट किसी समय आ सकता है और डॉक्टर को पेशेंट के आने पर इलाज करना पड़ता है. स्टूडेंट को सख्त हिदायत देते हुए विशाखा कमेटी ने मामले को खत्म कर दिया.

नहीं सुलझ पाया प्लास्टिक सर्जरी केस

एक और मामले में प्लास्टिक सर्जरी विभाग में अपने साथी पर सेक्सुअल हरेसमेंट लगाने वाली सीनियर रेजीडेंट का मामला अभी सुलझ नहीं पाया है. कुछ समय पहले लड़की ने विशाखा कमेटी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में एफआईआर भी कर दी थी. लेकिन पुलिस ने भी अब तक कुछ नहीं किया. लास्ट वीक में लड़की के बयान के दौरान विशाखा कमेटी ने सेक्सुअल हरेसमेंट के प्रूफ मांगे. जिसके बाद लड़की को सबूत जुटाने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है.