- केजीएमयू में हो रहा गर्ल मेडिकोज और डॉक्टर्स का हैरेसमेंट

-वीमेन हैरेसमेंट प्रिवेंशन सेल में 100 से ज्यादा लड़कियों ने दर्ज कराई इंडीविजुअली शिकायत

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LUCKNOW: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में फिजियोलॉजी विभाग में रेजीडेंट पर छेड़खानी का आरोप सच साबित हुआ है. ख्0क्फ् और ख्0क्ख् बैच की मेडिकोज ने विशाखा कमेटी के समक्ष इंडीविजुअली उपस्थित होकर रेजीडेंट के खिलाफ छेड़खानी और फिजिकली हरेसमेंट के बयान दर्ज कराए हैं. जिसके बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट वीसी को भेज दी है. अब आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई तय है.

क्या था मामला

मामला केजीएमयू के फिजियोलॉजी विभाग का है. विभाग में जूनियर रेजीडेंट-फ् मेहताबुद्दीन पर ग‌र्ल्स मेडिकोज के साथ छेड़खानी का आरोप लगा था. डॉक्टर ख्0क्ख् और ख्0क्फ् बैच के स्टूडेंट्स की क्लास लेता है. गर्ल मेडिकोज का आरोप है कि यह रेजीडेंट डॉक्टर क्लास के दौरान भद्दे कमेंट पास करता है. कई ग‌र्ल्स को फिजिकली छेड़ने की भी कोशिश की. लेकिन, किसी मेडिकोज की हिम्मत नहीं पड़ रही थी कि उसके खिलाफ इंडीविजुअली कम्पलेन करे, क्योंकि इससे उन्हें इसी सब्जेक्ट में फेल किए जाने का बड़ा खतरा है. सबसे ज्यादा मेडिकोज इसी डिपार्टमेंट में फेल होते हैं और यह टफ भी है. इस कारण कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा था. मेडिकोज का आरोप है कि एक के बाद एक कई ग‌र्ल्स के साथ उसकी हरकतें बढ़ती ही जा रही थीं.

एक साथ मिलकर की थी शिकायत

समस्या बहुत अधिक बढ़ गई तो गर्ल मेडिकोज ने इकट्ठे होकर वीसी से इसकी शिकायत की. उन्होंने इसके लिए ब्वॉयज मेडिकोज को भी अपने साथ लिया. यही नहीं मामले पर वीसी प्रो. रविकांत ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और मामले को वीमेन हैरेसमेंट प्रिवेंशन सेल के पास भेज दिया. साथ ही रेजीडेंट को विभाग में पढ़ाने और किसी प्रकार के एग्जाम लेने से रोक लगा दी थी. और उसे वीसी आफिस से अटैच कर दिया था. इसके बाद से रेजीडेंट वीसी आफिस में ही अपनी हाजिरी लगा रहा था.

जिसके बाद विशाखा कमेटी ने स्टूडेंट्स से इंडीविजुअली उपस्थिति होकर रिटेन में शिकायत दर्ज कराने को कहा. लेकिन स्टूडेंट्स ने इंडीविजुअल रूप से शिकायत करने से मना कर दिया और सुनवाई के लिए ख्7 जुलाई तक का समय मांग लिया. क्योंकि इसी विभाग में इन स्टूडेंट्स के ख्7 जुलाई तक एग्जाम चल रहे थे. उन्हें डर था कि कहीं आरोपी डॉक्टर अन्य टीचर्स से मिलकर शिकायतकर्ता को फेल करा दे. जिसके बाद उन्होंने ख्7 जुलाई तक का समय मांग लिया.

क्00 से ज्यादा ने दिए बयान

एम्जाम खत्म होने के बाद लास्ट वीक में विशाखा कमेटी के समक्ष एक एक करके क्00 से ज्यादा गर्ल मेडिकोज ने अपने बयान दर्ज कराए. सबने रेजीडेंट डॉक्टर द्वारा छेड़खानी किए जाने की बात कही. आरोपी डॉक्टर पर आरोप पूरी तरह सिद्ध हुआ है. लड़कियों के बयान सुनने के बाद विशाखा कमेटी भी सकते में है. विशाखा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट वीसी आफिस भेज दी हैक्

मामले को दबाने की थी कोशिश

वीमेन हैरेसमेंट प्रिवेंशन सेल इस रेजीडेंट डॉक्टर पर कोई कार्रवाई न कर सके इसके लिए फिजियोलॉजी विभाग के रेजीडेंट और सीनियर डॉक्टर्स ने भी कोशिश की थी. ग‌र्ल्स पर शिकायत वापस लेने का भी दबाव था. इसी प्रेशर के चलते ही लड़कों के एक ग्रुप ने ग‌र्ल्स के स्टेटमेंट के विरोध में जाकर बयान दिया था. अगर लड़कियां अब विशाखा कमेटी के सामने उपस्थित होकर बयान न देती तो मामला रफा दफा हो जाता.