- बॉडी की अदला-बदली से पोस्टमार्टम के लिए परेशान हुए परिजन

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LUCKNOW: किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी 'केजीएमयू' के म‌र्च्युरी में कर्मचारियों की लापरवाही के कारण लाशों में अदला-बदली हो गई. लाशों की अदला-बदली के कारण उनके पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को घंटों समय बर्बाद हुआ. कर्मचारियों के इस लापरवाही के कारण न केवल परिजन, बल्कि पुलिस को भी काफी प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा.

यह लापरवाही..

मंडे को केजीएमयू के मच्र्युरी में तीन शवों की पहचान न हो पाने के कारण कई घंटों तक उनका पोस्टमार्टम रुका रहा. यह पूरी लापरवाही केजीएमयू के कर्मचारियों के कारण हुई, जिन्होंने बॉडी की पहचान के लिए लगाई जाने वाले स्टिकर को सही नहीं लगाया था. जिसे बॉडी की पहचान होने में प्रॉब्लम हुई.

तीन बॉडी की पहचान में लापरवाही

केजीएमयू के मच्र्युरी में मंडे को एक महिला और दो पुरूषों की बॉडी पोस्ट मार्टम के लिए लाई गई थी. एक पुरुष की बॉडी पुलिस पोस्ट मार्टम को लेकर आई थी. वहीं दूसरे पुरुष पंचमलाल की बॉडी उसके परिजन लेकर आए थे वहीं तीसरी महिला की बॉडी लावारिस थी. मच्र्युरी के कर्मचारियों ने तीनों लाशों के पहचान के लिए लगाए जाने वाले स्टिकर में फेरबदल कर दिया. जिसे इन बॉडी की पो‌र्स्ट मार्टम में प्रॉब्लम हुई. कर्मचारियों के लापरवाही का आलम यह था कि लावारिस महिला के पहचान का स्टिकर पंचमलाल की बॉडी में लगा दिया. वहीं पंचमलाल का स्टिकर पुलिस द्वारा लाई गई बॉडी में लगा दिया. महिला की बॉडी में पुलिस द्वारा लाई गई बॉडी का स्टिकर लगा दिया. जिसे पुलिस और पंचमलाल के परिजनों को घंटों पोस्ट मार्टम के लिए इंतजार करना पड़ा. इस दौरान पंचमलाल के परिजनों ने मच्र्युरी में हंगामा भी किया.

पुलिस द्वारा लाई गई बॉडी का किया पोस्टमार्टम

केजीएमयू के कर्मचारियों के इस लापरवाही के कारण पंचमलाल के पोस्ट मार्टम के स्थान पर पुलिस द्वारा लाई गई बॉडी का पोस्ट मार्टम किया गया. वहीं पंचमलाल की बॉडी को कर्मचारियों ने फ्रिजर में रख दिया. मामला प्रकाश में आने पर परिजनों ने हंगामा किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने भी तीनों मृतकों का पंचनामा भरने से मना कर दिया. इसके बाद केजीएमयू कर्मचारियों ने परिजनों से बॉडी की पहचान कराई तो उन्होंने पंचमलाल की बॉडी पहचानी तक जाकर पोस्ट मार्टम हो सका.

केजीएमयू प्रशासन ने किया इंकार

केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एससी तिवारी ने ऐसे किसी भी घटना से इंकार किया है. उनका कहना है कि रविवार रात को बाल रोग विभाग में एक बच्चें की ब्लड कैंसर से मौत हो गई थी. जिसके बाद उसकी बॉडी मच्र्युरी भेज दी गई थी. मंडे को उस बच्चें के रिश्तेदार उसे देखने के लिए बाल रोग विभाग पहुंचे, उन्हें वहां बताया गया कि बच्चें की डेथ हो गई, उसकी बॉडी को मच्र्युरी भेजा गया है. रिश्तेदार जब मच्र्युरी पहुंचे तब उनकों वहां बच्चे की बॉडी नहीं मिली. जिसके बाद उन्होंने इसको लेकर कर्मचारियों से कहासुनी हुई थी. बाद में उनका बताया गया कि बच्चे की बॉडी को उसके परिजन ले जा चुकें है. डॉ. तिवारी ने बताया कि इसके अलावा मच्र्युरी में ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया हैं.