- दून हॉस्पिटल में नवजात संग भर्ती है दुष्कर्म पीडि़ता, पुलिस नहीं रहती तैनात

- परिजनों ने उठाए सवाल, कहा खुद देते हैं पहरा

- पीडि़त के भाई को फॉलो करता मिला एक व्यक्ति, गिरफ्तार

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DEHRADUN: दून हॉस्पिटल में भर्ती नाबालिग दुष्कर्म पीडि़ता और उसकी 7 दिन की बच्ची की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. परिजनों का कहना है कि हॉस्पिटल में उनकी सुरक्षा के लिए कोई पुलिस कॉन्स्टेबल तैनात नहीं रहता. उन्हें खुद ही पहरा देना पड़ता है. बताया कि ट्यूजडे रात हॉस्पिटल में एक युवक पीडि़ता के भाई को फॉलो कर रहा था, उससे पूछा गया तो वह टालने लगा. पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो उसके पास चार ब्लेड, मोबाइल फोन और 3 आईडी मिलीं. उसे जेल भेज दिया गया है.

घर तक पहुंचे दो अंजान आदमी
पीडि़ता के पिता ने बताया कि ट्यूजडे को दो अंजान लोग उनके घर में आए और पीडि़ता की बहन से परिवार के बारे में पूछताछ करने लगे. जब तक घरवाले बाहर आए वो दोनों लोग फरार हो चुके थे. परिवार ने फिर खुद को असुरक्षित बताया है.

आशा वर्कर ने भी बनाया था वीडियो
पिछले दिनों हॉस्पिटल में एक आशा वर्कर भी पीडि़ता के परिजनों का वीडि़यो बनाते हुए देखी गई थी. पीडि़ता के परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

पीडि़ता का भी होगा डीएनए
ट्यूजडे को दुष्कर्म पीडि़ता के नवजात का कोर्ट में डीएनए सैंपल लिया गया था. नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि दुष्कर्म पीडि़ता का भी डीएनए सैंपल लिया जाना है. थर्सडे को कोर्ट में ही उसका सैंपल कलेक्ट किया जाएगा, दोनों का आरोपियों के साथ डीएनए मैच कराया जाएगा, ताकि आरोपियों पर आरोप सिद्ध हो सके.