- परिजनों ने जताया था दोस्तों पर संदेह, वापस लाए परिजन

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AGRA :
थाना हरीपर्वत क्षेत्र से लापता रेलवेकर्मी का बेटा दिल्ली के कनाट प्लेस में भीख मांगता हुआ मिला. एक कोचिंग संचालक उसे ठीक परिवार का जानकर अपने साथ ले गए. परिवार से सम्पर्क किया. इसके बाद उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया. जानकारी होने पर परिजन दिल्ली पहुंच गए और उसे अपने साथ लाए.

भूखा और बीमार हो गया था
नॉर्थ रेलवे कॉलोनी निवासी राजदीप शर्मा रेलवे कर्मी है. उनका बेटा तन्मय शर्मा सात फरवरी को घर से काम पर जाने की बात बोल कर निकला था. इसके बाद से घर नहीं लौटा. पिता ने थाना हरीपर्वत में गुमशुदगी दर्ज कराई. उसके दोस्तों पर संदेह व्यक्त किया. पुलिस ने दोस्तों को उठा कर पूछताछ की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका.

सीसीटीवी में देखा गया था
पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे देखे तो वह जाता हुआ दिखाई दे रहा है. पुलिस को उसकी लोकेशन आईएसबीटी तक मिली. इसके बाद कुछ पता नहीं चला. पुलिस ने शुरू से इस बात पर जोर दिया था कि वह डर कर गया है. चूंकि उसने नौकरी छोड़ दी थी और परिजनों को नहीं बताया. वह अंगूठी बेच कर रुपये लाया और वेतन बता कर परिजनों को दिया. परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो डर गया. लेकिन पुलिस की इस कहानी पर कोई विश्वास नहीं कर रहा था.

कोचिंग संचालक को मिला
शनिवार की रात परिजनों के पास एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को सुक्रत बनर्जी बताया. उसने बताया कि वह कोचिंग चलाते हैं. उन्होंने तन्मय को कनाट प्लेस में भीख मांगते हुए देखा. वह अंग्रेजी में बात कर रहा था. बनर्जी ने उससे बात की तो उसने बताया दिया कि वह घर से भाग कर आया है. वह अच्छी नौकरी की तलाश में मुम्बई जाना चाहता है. लेकिन उसके पास किराए के रुपये नहीं हैं. वह रुपये जमा कर रहा है.

डांट के डर से चला गया
पुलिस के मुताबिक वह भूखा और बीमार था. अंगूठी बेचने के बाद पिता की डांट के डर से वह चला गया था. इंस्पेक्टर महेश चंद गौतम के मुताबिक आरपीएफ पुलिस को सूचना की गई, तो वहां से आरपीएफ ने उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया. इसके बाद कश्मीरी गेट थाने के एसआई आशीष त्यागी की सुपुर्दगी में दिया. रात को परिजन उसे लेकर आ गए. परिजनों को देख कर वह फूट-फूट कर रोने लगा.