- सीबीआई टीम ने सड़क हादसे को लेकर सीतापुर जेल में की पूछताछ

- हादसे को लेकर अनभिज्ञता जताते रहे विधायक

- ट्रॉमा सेंटर में सीबीआई टीम ने परिजनों के फिर लिये बयान

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LUCKNOW : करीब छह घंटे तक चली पूछताछ में सीबीआई टीम ने दोनों ही घटनाओं को लेकर विधायक सेंगर से सवाल-जवाब किये. सूत्रों का कहना है कि सेंगर पूरे समय दोनों ही घटनाओं को लेकर अपनी संलिप्तता से पल्ला झाड़ते रहे. उधर, एक सीबीआई टीम ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर गैंगरेप पीडि़ता के परिजनों से मुलाकात कर उनके बयान लिये. साथ ही डॉक्टर्स से पीडि़ता के शरीर पर मौजूद चोटों के बारे में डॉक्टर्स से जानकारी ली. वहीं, सीबीआई ने उन्नाव में माखी थाने व जेल पहुंचकर विधायक सेंगर से मुलाकात करने वालों की लिस्ट बनाई है.

टालमटोल करते रहे सेंगर
सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम शनिवार दोपहर करीब 2 बजे सीतापुर पहुंची. टीम ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से छह घंटे तक पूछताछ की. बताया गया कि इस दौरान सीबीआई टीम ने विधायक सेंगर से माखी गैंगरेप व रायबरेली में हुए संदिग्ध सड़क हादसे को लेकर सवाल पूछे. सूत्रों ने बताया कि सीबीआई टीम की पूछताछ में विधायक सेंगर बेहद विचलित रहे और सभी सवालों पर टालमटोल करते रहे. विधायक से उनसे मिलने आने वालों के बारे में भी पूछताछ की गई. इसके अलावा सीबीआई की एक टीम ने लखनऊ जेल में बंद विधायक के भाई अतुल सिंह व एक अन्य करीबी से भी पूछताछ की. इसके अलावा उन्नाव पुलिस के प्रतिसार निरीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा, माखी थाने के ड्यूटी मुंशी इरशाद खान, पीडि़ता की सुरक्षा में लापरवाही के मामले में निलंबित गनर सुदेश कुमार, महिला सिपाही रूबी व सुनीता देवी समेत छह पुलिसकर्मियों से सुरक्षा के बारे में पूछताछ की गई.

मुलाकाती राडार पर
सूत्रों के मुताबिक, सीतापुर जेल में विधायक सेंगर से पूछताछ करने पहुंची सीबीआई टीम ने उनसे मुलाकात करने वालों की पड़ताल की. बताया गया कि इस दौरान सीबीआई ने विधायक से बार-बार मुलाकात करने वालों के बारे में जानकारी जुटाई. वहीं, उन्नाव पहुंची एक अन्य सीबीआई टीम ने भी उन्नाव जेल में रहने के दौरान विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से मुलाकात करने वालों के बारे में जानकारी इकट्ठा की. बताया जा रहा है कि मुलाकातियों की जोन जानकारी सीबीआई ने जुटाई है उसमें छोटे-बड़े नेता, ठेकेदार और जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि सीबीआई विधायक से मुलाकात करने वालों पर भी जल्द शिकंजा कस सकती है और वे लोग भी सीबीआई की पूछताछ के दायरे में आ सकते हैं.

खराब मिले जेल के सीसीटीवी कैमरे
सीबीआई टीम ने सीतापुर जेल के सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला. बताया गया कि तीन सीसीटीवी कैमरे खराब मिले. सीबीआई ने इसे लेकर नाराजगी भी जताई. सीबीआई की टीम जब जेल पहुंची, तब कई अधिकारी अपने आवास पर थे. बाद में सीबीआई ने जेल अधिकारियों को बुलाया और उनसे कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी.

फाइनेंस कंपनी से नोटिस मिलने की पुष्टि
उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म पीडि़ता की कार से हुई टक्कर साजिश थी या हादसा, यह तो सीबीआई तय करेगी, लेकिन एक बात साफ हो चुकी है कि ट्रक मालिक को फाइनेंस कंपनी ओरिक्स लीजिंग एंड फाइनेंसियल सर्विसेज ने दो नोटिस भेजे थे. एक नोटिस कंपनी ने भेजा था, दूसरा उनके वकील ने. हालांकि, कंपनी के क्लेम मैनेजर ने पहले मीडिया में कोई बकाया न होने का दावा किया, लेकिन बाद में दो किस्तें बाकी बताईं. वकील ने पैसा न चुकाने पर ट्रक जब्ती की चेतावनी भी दी थी. उधर, सीबीआई ने ट्रक मालिक को रविवार को लखनऊ तलब किया है. उसे सीबीआई दफ्तर में सुबह साढ़े नौ बजे पेश होना है. उल्लेखनीय है कि ट्रक की नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाने के बारे में सीबीआई को ट्रक मालिक ने गुरुवार को बताया था कि फाइनेंसर के डर से ग्रीस पोती थी क्योंकि उसकी चार किस्तें बकाया हैं. इस खुलासे के बाद ट्रक मालिक के दावे की पुष्टि हो रही है.

ड्राइवर-क्लीनर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर
सीबीआई ने राजधानी स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थनापत्र देकर ट्रक चालक व क्लीनर की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की. सीबाआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सात दिन में विवेचना पूरी करने का निर्देश दिया है. ड्राइवर व क्लीनर को मौके पर ले जाकर साक्ष्य एकत्र किए जाने हैं. विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट आराधना शुक्ला ने दोनों की तीन दिन की रिमांड मंजूर कर दी. रिमांड मिलने के बाद सीबीआई टीम ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है.