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JAMSHEDPUR : महंगे शौक पूरा करने के लिए एक नाबालिग स्कूली स्टूडेंट झपट्टामार गिरोह में शामिल हो गया था। इसका खुलासा रविवार को तब हुआ जब पुलिस ने मोबाइल झपटने वाले गिरोह के पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया, जिसमें स्कूली छात्र भी शामिल है। गिरोह में वह बाइक चलाने का काम करता था। ये दो लोग एक साथ बाइक पर निकलते थे और मौका देखकर लोगों के हाथ से मोबाइल झपटकर चंपत हो जाते थे। एसएसपी अनूप बिरथरे ने बताया कि यह गिरोह पिछले दस दिनों से सिदगोड़ा, सीतारामडेरा, साकची व गोलमुरी में आतंक मचा रखा था।

ऐसे दबोचा गया गिरोह
गत 27 जून को सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको में मुख्यमंत्री आवास के सामने बाबूडीह निवासी करण कुमार से बाइक सवार दो बदमाशों ने झपट्टामार मोबाइल छीन लिया था। करण कुमार ने बाइक सवार बदमाशों का पीछा कर बाइक का नंबर नोट कर लिया था। इसकी जानकारी थाना में दी। पुलिस टीम ने बाइक के नंबर का पता लगा लिया। इसी बीच देखा कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर रामकिशन मिशन स्कूल के पास विश्वजीत घोष और नाबालिग स्कूली छात्र खड़े होकर सिगरेट पी रहे हैं। दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों से पूछताछ में गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। इसके बाद एक-एक कर सभी पकड़े गए।

परिजनों का बांट दिया मोबाइल
स्कूली छात्र ने छीने गए चार मोबाइल ने अपने परिवार के सदस्यों का दे रखा था। नाबालिग छात्र के साथ पकड़े गए लोगों में बिरसानगर जोन नंबर-7 निवासी सरगना विश्वजीत घोष, सिदगोड़ा बागुनहातु रोड नंबर दो निवासी सागर चंद्र, कदमा भाटिया बस्ती निवासी विवेक अग्रवाल उर्फ बाबू, बिरसानगर जोन नंबर 7 नाला निवासी राजेश कुमार उर्फ मुनचुन शामिल हैं।

लॉक तोड़ कर बेच देते थे मोबाइल
गिरोह ने कदमा भाटिया बस्ती निवासी विवेक अग्रवाल उर्फ बाबू और बागुनहातु निवासी सागर चंद्र मोबाइल का लॉक तोड़वाने का जिम्मा दिया था। सागर की बारीडीह और विवेक का साकची में मोबाइल दुकान है। राजेश कुमार उर्फ मुनचुन मोबाइल की खरीद-बिक्री में मध्यस्थता करता था। उसकी भी बिरसानगर जोन नंबर सात में मोबाइल दुकान है।

200 रुपये में दुकानदार तोड़ देते थे लॉक
मोबाइल छीनने वाले गिरोह के सदस्य मोबाइल लॉक तोड़वाने को 200 रुपये देते थे। लॉक तोड़ने के बाद इसकी बिक्री दो से तीन हजार रुपये में कर दी जाती थी।

Posted By: Inextlive

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