महाबलीपुरम (एएनआई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तमिलनाडु का महाबलीपुरम शहर पूरी तरह से तैयार है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग चेन्नई पहुंच गए हैं। अब कुछ ही देर में वह चेन्नई से 58 किलोमीटर दूर महाबलीपुरम के लिए रवाना होंगे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति चिनफिंग शुक्रवार और शनिवार को मिलाकर सिर्फ छह घंटे एक साथ बिताएंगे। वहीं मोदी और शी शुक्रवार को रात के खाने में तमिल व्यंजनों का आनंद लेंगे। दोनों नेता महाबलीपुरम में तीन प्रसिद्ध स्थलों- पांच रथ, अर्जुन तपस्या और शोर मंदिर का भी दौरा करेंगे।

चेन्नई में लोग कर रहे हैं चिनफिंग का अभिवादन

बता दें कि शी चिनफिंग का विमान दोपहर 2.10 बजे चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। चिनफिंग के आगमन से पहले चेन्नई के आईटीसी ग्रैंड चोला होटल के बाहर चीनी समुदाय के सदस्य, स्कूली बच्चे और अन्य लोग भारी संख्या में इकट्ठा हो गए थे। बता दें कि चेन्नई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद चिनफिंग सीधे आईटीसी ग्रैंड चोला होटल के लिए रवाना हो गए। एयरपोर्ट पर चिनफिंग का स्वागत तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने किया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के आगमन को देखते हुए चेन्नई और महाबलीपुरम की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राज्य पुलिस ने हजारों सुरक्षा बलों को तैनात किया है और कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। चिनफिंग के अभिवादन के लिए लोग अभी से ही झंडे लेकर पूरे शहर में एकत्रित हो गए हैं। उनके आगमन से पहले, सड़कों, फुटपाथों और दीवारों को अनोखे तरीके से पेंट किया गया है।

Modi Xi Summit: चेन्नई पहुंचे चीन के राष्ट्रपति चिनफिंग, एयरपोर्ट पर राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने किया स्वागत

सड़क मार्ग से जाएंगे महाबलीपुरम

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के विभिन्न पारंपरिक संस्कृतियों का प्रदर्शन करने के लिए विभिन्न हिस्सों से मंडलों का आयोजन किया है। मंडली पिछले दो दिनों से यहां कड़ी प्रैक्टिस कर रही है। चीनी राष्ट्रपति मोदी से मिलने के लिए अपनी होंगकी लक्जरी कार में सड़क मार्ग से महाबलीपुरम तक जाएंगे। मोदी-शी शिखर सम्मेलन फलदायी हो, इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने विभिन्न प्रकार के फलों के साथ पांच रथों के पास एक वेलकम बोर्ड लगाया है। अधिकारियों के अनुसार वेलकम बोर्ड में लगभग 20 विभिन्न प्रकार के फलों का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें से अधिकांश फल व्यवस्थित रूप से उगाए जाते हैं। स्मारकों को सजाने के लिए भी बड़ी मात्रा में फूलों का उपयोग किया गया है। आज दोनों नेता कलाक्षेत्र फाउंडेशन के छात्रों द्वारा शोर मंदिर के पास नृत्य कार्यक्रम का भी आनंद लेंगे।

Posted By: Mukul Kumar

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