- दैनिक जागरण के 'जॉनसन जेंटल स्पर्श' प्रोग्राम में माताओं को मिले बच्चों की देखभाल के टिप्स

- एक्सप‌र्ट्स ने बताए बेहतर केयर के नुस्खे, सिर्फ केमिकल फ्री शैम्पू और ऑयल इस्तेमाल करने की सलाह

- इसके साथ ही मांओं ने जाने बेस्ट बेबी केयर के नुस्खे

GORAKHPUR: मां अपने बेबी से जितना संपर्क में रहेगी, उतना ही उनके बीच बॉन्डिंग बनेगी और बेबी की हेल्थ बेहतर होगी. मां को चाहिए कि अगर नॉर्मल डिलेवरी है, तो अपने बेबी को फौरन ब्रेस्ट फीडिंग कराएं, वहीं अगर सर्जरी हुई है, तो आधे या एक घंटे बाद बच्चों को फीडिंग कराएं. मां का पहला गाढ़ा दूध बच्चों के लिए अमृत है और वह उन्हें कई तरह की बीमारियों से बचाता है. यह बातें सामने आईं दैनिक जागरण के जॉनसन जेंटल स्पर्श प्रोग्राम में, जहां चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. श्रीकांत तिवारी और उनके साथ मेडिकल फील्ड के दिग्गजों ने कार्यक्रम में शामिल हुई मांओं को बच्चों की परवरिश के नुस्खे बताएं और शुरुआती दिनों में बच्चों के साथ उनकी स्किन का ख्याल किस तरह रखा जाए, इसके बारे में जानकारी दी.

दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत

प्रोग्राम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी, स्पेशल गेस्ट मेडिकल कॉलेज गाइनी डिपार्टमेंट की पूर्व एचओडी डॉ. रीना श्रीवास्तव, दैनिक जागरण के यूनिट हेड प्रवीण कुमार, संपादक जितेंद्र त्रिपाठी, एडिशनल सीएमओ डॉ. आईवी विश्वकर्मा, फीमेल हॉस्पिटल के एसआईसी डॉ. आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, बीएचआईओ डॉ. ओपीजी राव, पिडियाट्रिशियन डॉ. अश्विनी गुप्ता, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के एडिटोरियल हेड संजय कुमार, दैनिक जागरण के चीफ रिपोर्टर हेमंत पाठक के साथ आशा बहु संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदा यादव ने दीप प्रज्ज्वलित किया. इसके बाद सीएमओ ने वहां मौजूद लोगों को प्रदेश सरकार की ओर से चल रही मातृत्व योजना से जुड़ी जानकारी दी. साथ ही उन्होंने बच्चों के टीकाकरण पर भी खास जोर दिया. डॉ. रीना श्रीवास्तव ने प्रेग्नेंसी से पहले सभी तरह की जांच कराने की सलाह देते हुए, इसकी क्यों जरूरत है, इसके बारे में जानकारी दी.

मालिश करें लेकिन संभलकर

बच्चों से जुड़ी अहम बातें शेयर करते हुए पीडियाट्रिशियन डॉ. अश्विनी गुप्ता ने बताया कि कुछ लोग यह मानते हैं कि मालिश नहीं करनी चाहिए, ऐसा बिल्कुल सही नहीं है. एक स्टडी में यह बात सामने आई कि जिन बच्चों की बचपन से मालिश हुई है, वह उन बच्चों से बेहतर हैं जिनकी मालिश नहीं की जाती है. हां, मालिश करने के दौरान इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि मालिश हल्के हाथों से करें, जिससे कि बच्चों को कोई नुकसान न पहुंचे. अक्सर ऐसा देखने में आया है कि नानी-दादी कड़े हाथों से बच्चों की मालिश कर देती हैं, इससे नुकसान यह है कि बच्चों की हड्डी काफी कमजोर होती है, जरा सी सख्ती से कई बार उनकी हड्डी भी टूटने की संभावना बढ़ जाती है.

ध्यान से करें प्रॉडक्ट का सेलेक्शन

पिछले छह साल से बेबी के हेल्थ की देखभाल कर रहे डॉ. अश्विनी ने बताया कि बेबी स्किन काफी नाजुक होती है. इसलिए उनके लिए चुना जाने वाला प्रॉडक्ट काफी रिसर्च और एनालिसिस करने के बाद लेने की जरूरत है. बच्चों की मालिश के लिए ऐसा तेल इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो हल्का हो, ताकि वह बच्चों की स्किन में आसानी से समा जाए और उन्हें होने वाली ड्राइनेस और रैशेज की संभावनाएं कम हो जाएं. तेल में विटामिन ई बच्चों के लिए काफी अच्छा और जरूरी होता है. इसे इसके डेवलपमेंट पर भी काफी असर होता है. पाउडर को बजाए डायरेक्ट बच्चों की बॉडी पर लगाने के उसे अपने हाथों पर लेकर लगाएं और इसे पेट और निचले हिस्से में लगाएं तो ज्यादा बेहतर है. पाउडर भी ऐसा चुनें, जो बेबी स्किन पर सॉफ्ट हो.

जॉनसन पर हमेशा से भरोसा

पिछले 20 साल से गोरखपुर में सोशल सर्विस में लगी हुई यामिनी कल्चरल इंस्टीट्यूट की चेयरमैन और वाईसीआई इंटरटेनमेंट की संस्थापक सोनिका सिंह ने अपने एक्सपीरियंस शेयर किए. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए प्रॉडक्ट चुनने में कभी भी जल्दबाजी नहीं की. पहला बेबी था, इसलिए उन्होंने जॉनसन पर भरोसा किया और उनका भरोसा टूटा नहीं, बल्कि अटूट होता चला गया. उन्होंने बताया कि उनकी मां ने भी उनके लिए जॉनसन ही चुना था, जिसकी वजह से उन्हें इस पर विश्वास करने में ज्यादा देर नहीं लगी. उन्होंने कहा कि एक मां बच्चे को हमेशा बेस्ट देने की कोशिश करती है और उनके बच्चे के लिए जॉनसन ही बेस्ट है. इसका साबुन उनकी बेबी की त्वचा को कोमल रखता है, क्योंकि यह क्लीनिकली प्रमाणित है. इसका मतलब यह हर जांच में 100 परसेंट प्योर निकला है. साथ ही इसमें विटामिन ई भी है, जिससे कि यह बच्चों की आखों में नहीं लगता है और इससे जलन भी नहीं होती है. मैं बच्चे की इसी से मालिश कर रही हूं, लेकिन आज तक कोई भी स्किन से रिलेटेड प्रॉब्लम नहीं हुई. मेरी मां ने बच्चों की खूबियां बताई और अब मैं परिवार या फ्रेंड सर्किल में कोई भी बेबी होता है, तो उसे जॉनसन का प्रॉडक्ट ही गिफ्ट करती हूं.

बेबी की सेहत की देखभाल को पूछे सवाल

अपने बेबी का ख्याल रखने के लिए मां काफी एक्टिव नजर आई. मामला बच्चों का हो, तो भला वह कहां पीछे रह सकती थीं. उन्होंने पिडियाट्रिशियन से अपने बेबी की सेहत से जुड़े खूब सवाल पूछे, एक्सपर्ट ने भी उनके सवालों के माकूल जवाब दिए. एक मां ने पूछा कि कहीं इसमें हार्मफुल केमिकल तो नहीं है, इस पर जॉनसन एक्सपर्ट ने बताया कि जॉनसन प्रॉडक्ट बिल्कुल शुद्ध हैं. पैराबेंस, एस्बेस्टस, सल्फेट या डाई जैसे कोई भी हार्मफुल केमिकल का इस्तेमाल प्रॉडक्ट में नहीं किया जाता है. यह क्लीनिकली जांच में सर्टिफाई होने के बाद ही मार्केट में भेजा जाता है.

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लकी ड्रॉ विनर बनकर खिले चेहरे

दैनिक जागरण के इस खास प्रोग्राम में बेबी की मांओं के लिए लकी ड्रॉ निकला भी निकाला गया. जिसमें जॉनसन की ओर से उन्हें गिफ्ट हैंपर दिए गए. लकी ड्रॉ में कामरीन, सपन, ज्योति, सुमन, सोनाली, विनीता, प्रियंका, रीना, शमां और गुजराती लकी विनर बनीं. इसके बाद प्रोग्राम का समापन हुआ, जिसके बाद सभी पार्टिसिपेंट्स को दैनिक जागरण और जॉनसन की ओर से गिफ्ट दिए गए. इवेंट के दौरान सभी के लिए रिफ्रेशमेंट की भी व्यवस्था की गई.

जॉनसन परिवार का भी सम्मान

जॉनसन जेंटल स्पर्श प्रोग्राम के दौरान गोरखपुर के जॉनसन परिवार के मेंबर्स को भी सम्मानित किया गया. गोरखपुर के स्टॉकिस्ट रूंगटा ट्रेडर्स से मनीष रूंगटा और डिस्ट्रिब्यूटर अग्रवाल एजेंसी से रितेश अग्रवाल इवेंट में शामिल हुए, जिन्हें तुलसी का पौधा देकर सम्मानित किया गया.

इनका रहा सहयोग

कार्यक्रम में डीपीआरओ हिमांशु राज शेखर, प्रोग्राम ऑफिसर हेमंत सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारी शहर प्रदीप श्रीवास्तव, गंगोत्री देवी स्कूल ऑफ नर्सिग की प्रिंसिपल लोरिटा याकूब, एमडी आशुतोष मिश्रा, देवेंद्र चौधरी सहित स्कूल की टीचर्स और स्टूडेंट्स का सहयोग रहा.