कानपुर। देश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर कमजोर पड़ गई है। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में इस समय कहीं वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक लो प्रेशर न होने से मानसून की चाल धीमी है। ऐसे में दिल्ली, हरियााणा-पंजाब को अभी मानसून के लिए इंतजार करना पड़ेगा। इन राज्यों में आगामी 1 से 3 जुलाई तक मानसून पहुंच सकता है लेकिन उसका असर 6 जुलाई से देखने को मिलेगा।

1 से 3 जुलाई के दौरान मानसून की बढ़ेगी चाल
वहीं भारतीय माैसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमानों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में 30 जून तक लो प्रेशर बनने की संभावना है। इसके बाद हवाएं काफी तेज चलेंगी और 1 से 3 जुलाई के दौरान मानसून एक बार फिर से की गति बढ़ाएगा। माैसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बीच मानसून मध्य-भारत,पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल दिख रही हैं।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में चलेंगी तेज हवाएं
वहीं आज के माैसम पर नजर डालें तो उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में आज  30 से 40 किमी प्रति घंटे के हिसाब से धूल भरी हवाएं चलेंगी। इसके साथ ही पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखंड में भी बिजली चमकने के साथ हवाएं तेज चलेंगी। पूर्वोत्तर के सिक्किम में भी कुछ ऐसा ही माैसम रहेगा।वहीं मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कई राज्य बारिश से भीगे रहेंगे।

पूर्वोत्तर के इन राज्यों में आज होगी झमाझम बारिश
वहीं पूर्वोत्तर की बात करें तो असम, मेघालय,अरुणाचल प्रदेश,नागालैंड,मणिपुर,मिजोरम,त्रिपुरा सिक्किम में आज भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में भी आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं।अरब सागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40 से 50 किमी प्रति घंटे से हवाएं चलेंगी। ऐसे में मछुआरों को इन समुद्री इलाकों में प्रवेश न करने की सलाह दी जाती है।

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