क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: राजधानी में सरकारी हॉस्पिटलों की स्थिति सुधारने को लेकर सरकार दावा कर रही है. वहीं विभाग कोशिश में जुटा है कि मरीजों को बेहतर सुविधा मिले. इसके बावजूद हॉस्पिटलों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. इसका खुलासा 104 हेल्थ हेल्पलाइन नंबर पर किए जा रहे कंप्लेन से हुआ है, जहां सबसे ज्यादा कंप्लेन रिम्स के हैं. इसके अलावा सिटी के अन्य सरकारी हॉस्पिटलों की भी कंप्लेन हर दिन की जा रही है. जिससे यह तो साफ है कि कहीं न कहीं मरीजों को सरकारी हॉस्पिटलों में वो सुविधा नहीं मिल पा रही है जो उन्हें मिलनी चाहिए.

टाइम से नहीं आते डॉक्टर

कंप्लेन करने वालों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है. जहां डॉक्टर के टाइम पर नहीं आने की कंप्लेन रजिस्टर कराई जा रही है. साथ ही बताया जाता है कि डॉक्टर अवेलेबल ही नहीं होते हैं. इसके अलावा हॉस्पिटल में दवाएं भी नहीं हैं. ऐसी स्थिति में उन्हें प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं. जब बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ेगी तो सरकारी हॉस्पिटल में आने का क्या फायदा?

क्या है 104 टोल फ्री नंबर

104 हेल्थ हेल्पलाइन नंबर मरीजों को घर बैठे डॉक्टर से अप्वाइंटमेंट के लिए शुरू किया गया है. लेकिन इस नंबर पर किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में होने वाली परेशानी को लेकर कंप्लेन भी कर सकते हैं. ऐसे में रांची के अलावा सभी जिलों से भी लोग सरकारी हॉस्पिटलों की अव्यवस्था की कंप्लेन कर रहे हैं. बताते चलें कि सरकार ने पीरामल स्वास्थ्य के साथ करार किया है, जिसके तहत 24 घंटे डॉक्टर इलाज के लिए अवेलेबल रहते हैं. वहीं कंप्लेन के लिए भी लाइन खुली रहती है.

वर्जन

हमारे पास पूरे स्टेट से कॉल्स आते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा कंप्लेन रिम्स के ही हैं. हमलोग कंप्लेन रजिस्टर कर संबंधित डिपार्टमेंट को भेज देते हैं.

चयन मुखर्जी, असिस्टेंट मैनेजर, पीरामल स्वास्थ्य