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PRAYAGRAJ: मऊआइमा इलाके में हुई पूर्व बीडीसी ज्ञानचंद्र यादव की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके चचेरे भाई राकेश यादव ने ही किया था. स्थानीय पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्या में शामिल राकेश और दूधनाथ यादव को गिरफ्तार करते हुए हत्याकांड का पर्दाफाश किया है. पूर्व बीडीसी की हत्या किन्हीं और कारणों से नहीं की गई थी बल्कि हत्या जमीन के विवाद को लेकर की गई. हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी नितिन तिवारी ने अभियुक्तों को मीडिया के सामने पेश किया.

कोर्ट में चल रहा था मामला
पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को पकड़े गए दोनों अभियुक्तों को मीडिया के सामने पेश किया गया. एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि मऊआइमा के लोकापुर गांव के रहने वाले दूधनाथ ने राकेश के पिता से डेढ़ बीघा जमीन खरीदी थी. उस जमीन को लेकर दूधनाथ का पूर्व बीडीसी से विवाद हो गया. मामला बढ़ने पर कोर्ट में चला गया. दूधनाथ को डर सता रहा था कि वह मुकदमा कोर्ट से हार न जाए. इसे लेकर उसने चार माह पहले मुंबई से लौटे सराय केशव गांव के रहने वाले राकेश यादव को धमकी दी. धमकी देते हुए कहा कि तुम्हारे पिता ने जो जमीन बेची है. वह नहीं मिल रही है. ज्ञान चंद्र की हत्या नहीं करने पर उसे मार दिया जाएगा.

50 हजार रुपये में दी गयी सुपारी
कत्ल के बाद राकेश को 50 हजार रुपये भी देने की बात कही. योजना के मुताबिक दूधनाथ ने 100 रुपये में चापड़ खरीदा और धार लगवाकर राकेश के पास रखवा दिया. 17 दिसंबर 2018 की शाम राकेश ने ज्ञान चंद्र को बुलाया और फिर शराब पिलाई. अंधेरा होने पर दूधनाथ, राकेश व पूर्व बीडीसी को लेकर लोकापुर गेस्ट हाउस के पास ले गया. वहां लघुशंका के बहाने राकेश ने चापड़ से गर्दन पर वार कर दिया. फिर घसीटकर खेत की तरफ ले जाने लगा तो तड़प रहे ज्ञानचंद्र ने कहा कि राकेश भाई क्या कर रहे हो. इस पर उसने गला पूरी तरह से रेत दिया और कपड़ा व चापड़ नाले में फेंककर दोनों फरार हो गए.

घटना का खुलासा हो गया है. पुलिस ने अच्छा काम किया है. इंस्पेक्टर मऊआइमा अरुण कुमार चतुर्वेदी और उनकी टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा.

नितिन तिवारी

एसएसपी