बिना सुरक्षा इंतजामात के दौड़ रहा मौत का हाईवे

न ट्रैफिक पुलिस की तैनाती न मौजूद है मार्शल

- हर दिन लगता है जाम दहशत के साए में गुजरते हैं राहगीर

आगरा. ताजनगरी से गुजरने वाला एनएच 2 इस समय मौत का हाइवे बना हुआ है. कारण सिकंदरा के पास हाइवे को सिक्सलेन करने का काम पिछले छह साल से चल रहा है. यहां हर दिन जाम लगा रहता है. शनिवार को ट्रक की टक्कर से हुई मां-बेटी की मौत के बाद लोगों में दहशत है. बिना सुरक्षा इंतजामात के आगरा-दिल्ली हाईवे मौत की रफ्तार दौड़ रहा है. हर रोज राहगीर दहशत के साए में होकर गुजरने को मजबूर हैं. बावजूद इसके एनएचएआई की ओर से कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं. सिकंदरा सब्जी मंडी पर हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है. यहां न तो ट्रैफिक पुलिस कर्मी तैनात किए गए है, न ही मार्शल की तैनाती की गई है.

6 साल से चल रहा है हाईवे को सिक्सलेन करने का काम

पिछले 6 वर्षो से भी ज्यादा समय से आगरा-दिल्ली हाईवे को सिक्सलेन करने का कार्य किया जा रहा है. लेकिन सुरक्षा के उपाय धरातल पर नजर नहीं आते हैं, बस अफसरों ने अपनी बुकलेट में शायद सजा रखें हो. यही कारण है, हाईवे की सुरक्षा से जुड़े सवाल पर वे मौन हो जाते हैं. सिकंदरा सब्जी मंडी पर हर रोज जाम लगता है. इससे निजात पाने के लिए 22 करोड़ की लागत से अन्डरपाथ बनाया जाना प्रस्तावित है. मौजूदा समय में इस पर कार्य चल रहा है. जिस गति से कार्य चल रहा है, उसे देखकर तो यही लगता है कि ये काम दो वर्ष में पूरा हो पाएगा.

रांग साइड से आते हैं वाहन

सिकंदरा सब्जी मंडी के सर्विस रोड के दोनों साइड सुबह से लेकर शाम तक रांग साइड से वाहन आते हैं. इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है. इन्हें रोकने के लिए एनएचएआइ और पुलिस-प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किए हैं.

सड़क सुरक्षा विधेयक मसौदा 2014 फाइलों में बंद

केन्द्र सरकार ने वर्ष 2014 में सड़क सुरक्षा विधयेक मसौदा तैयार किया था.सड़क हादसों को रोकने के लिए विधेयक में कुछ नियमावली बनाई गई थी. यह विधयेक 6 देशों की रोड सेफ्टी की नियमावली का अध्ययन कर तैयार किया गया था. इसमें अमेरिका, कनाड़ा, सिंगापुर, जापान, जर्मनी और इंगलैण्ड के आधार पर तैयार किया गया था. इस नियमावली के तहत सड़कों के किनारे पीली पट्टी, ब्राइट कॉनर्र, स्पीड ब्रेकर, रबंल स्ट्रिप, रोड किनारे सभी स्कूलों की सूची, हर महीने रोड एक्सीडेंट की समीक्षा, सड़कों के किनारे अतिक्रमण, जेब्रा क्रॉसिंग लगाए जाने थे. इसमें शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 25 हजार जुर्माना या 6 महीने की जेल व डीएल रदद करने की सिफारिश की गई थी. असुरक्षित वाहन चलाने पर एक लाख रुपये जुर्माना 6 महीने की सजा का प्रावधान किया गया था, बिडम्बना इस बात की है कि यह मसौदा फाइलों में सजकर रह गया.

कागजों में संरक्षा के इंतजाम

- इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है.

- हाईवे पर जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं.

- बैरीकेडिंग के पास पांच मीटर की दूरी पर वार्निग लाइट नहीं लगी हैं.

- चौड़ीकरण के दौरान जगह-जगह शेड नहीं लगे हैं और न ही साइनेज लगाए गए हैं.

- दूरी पर रिफ्लेक्टिव टेप नहीं लगाया गया है.

- प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के लिए निर्धारित स्थलों पर एंबुलेंस का इंतजाम नहीं है.

- जगह-जगह अवैध कट बने हुए हैं, जिन्हें बंद नहीं किया जा रहा है.

- हाईवे पर बने स्पीड ब्रेकर मानकों के अनुसार नहीं हैं.

- खोदाई के दौरान मिट्टी न उड़े, इसके लिए शॉव¨रग की व्यवस्था नहीं है.

- जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हैं, यहां से वाहन गुजरते ही धूल के गुबार उड़ते हैं.

- पानी का पर्याप्त छिड़काव नहीं किया जा रहा.