कानपुर। पैरालंपिक में सिल्वर मेडलिस्ट दीपा मलिक को गुरुवार को देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया। दीपा यह पुरस्कार पाने वाली पहली महिला पैरा एथलीट हैं। बता दें दीपा के अलावा रेसलर बजरंग पूनिया का नाम भी खेल रत्न के लिए चुना गया था मगर बजरंग देश से बाहर होने के चलते अवार्ड समारोह में हिस्सा नहीं ले पाए।

क्या होता है राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार

खेल मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार होता है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर इस पुरस्कार का नाम रखा गया है। हर साल भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को यह दिया जाता है, हालांकि अवार्ड पाने वाले खिलाड़ी का चयन कई मापदंडो के आधार पर होता है। यह पुरस्कार जीतने वाला खिलाड़ी किसी भी फील्ड का हो सकता है।

क्यों दिया जाता है

भारत सरकार हर साल अपने देश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें 'राजीव गांधी खेल रत्न' अवार्ड से सम्मानित करती है। यह पुरस्कार एक ही बार दिया जाता है हालांकि मापदंडों पर अगर एक से ज्यादा खिलाड़ी खरे उतरते हैं तो उन्हें संयुक्त रूप से इस पुरस्कार से नवाजा जाता है। इसके लिए खिलाड़ी की पिछले चार साल की परफॉर्मेंस देखी जाती है।

अवार्ड के रूप में क्या मिलता है

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त करने वाले को पदक और प्रशस्ति पत्र के अतिरिक्त 7.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।

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सबसे पहला अवार्ड किसे मिला

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार की शुरुआत 1991 में हुई थी और सबसे पहला अवार्ड भारतीय चेस मास्टर विश्वनाथ आनंद को मिला था।

कुल कितने खिलाड़ियों को मिला

1991 से लेकर 2019 तक कुल 38 खिलाड़ियों को यह पुरस्कार मिल चुका है। इसमें एक साल में कुछ संयुक्त खिलाड़ी भी रहे हैं।

दो साल रहे खाली

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार वैसे तो हर साल दिया जाता है मगर 2008 और 2014 ऐसे दो साल रहे जब किसी भी भारतीय खिलाड़ी को देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार नहीं मिला।

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कोहली यह अवार्ड पाने वाले तीसरे क्रिकेटर

2018 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विराट कोहली को दिया गया था। कोहली यह अवार्ड पाने वाले तीसरे क्रिकेटर हैं। कोहली से पहले यह पुरस्कार 2007 में महेंद्र सिंह धोनी और 1997 में सचिन तेंदुलकर को मिला था।