नई दिल्ली (पीटीआई)। आयोग ने शहर के उस पब के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने को कहा है, जिसने नाबालिगों को पब में घुसने की अनुमति दी थी। 28 मई को तीन नाबालिग सहित पांच लोगों ने कार में एक नाबालिग से सामुहिक दुष्कर्म किया था। यह घटना तब हुई जब बच्ची दिन में पब से एक पार्टी अटेंड करके बाहर आई थी।

दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयोग ने कहा

आयोग के मुताबिक, कथित सामुहिक दुष्कर्म की घटना शनिवार, 28 मई को हुई थी जबकि एफआईआर घटना के तीन दिन बाद 31 मई को दर्ज हुई। एफआईआर में देरी चिंता की बात है। हैदराबाद पुलिस को लिखे एक पत्र में एनसीपीसीआर ने देरी की वजह के साथ-साथ संबंधित जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए भी कहा है।

पुलिस का कहना पिता ने कंप्लेन में जताई थी छेड़छाड़ की आशंका

आयोग ने पुलिस से जांच के दौरान पीड़ित बच्ची की पहचान गोपनीय रखने के लिए कहा है ताकि उसकी आईडेंटिटी से संबंधित कोई जानकारी उजागर न हो। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के पिता ने 31 मई को बच्ची से छेड़छाड़ की कंप्लेन दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था कि वह सदमे में है तथा अपने साथ हुई घटना के बाद में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है।

राष्ट्रीय बाल आयोग ने सात दिनों में पुलिस से मांगी डिटेल रिपोर्ट

आयोग ने कहा कि पब द्वारा नाबालिगों को प्रवेश की अनुमति देना गंभीर चिंता का विषय है। यही वजह है कि आयोग ने कथित पब प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके एक्शन रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पत्र पाने के सात दिनों के भीतर पुलिस से डिटेल रिपोर्ट तलब की है, जिसमें आयोग ने नाबालिग का आयु प्रमाण पत्र, एफआईआर की काॅपी, पीड़ित नाबालिग के बयान की काॅपी, चार्जशीट की काॅपी, मौजूदा जांच की स्थिति और आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। पुलिस ने कहा कि शुक्रवार को उसने 18 वर्ष के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पहली नजर में लगता है कि इस मामले में तीन नाबालिग तथा एक अन्य 18 वर्ष का युवक शामिल है।

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