काठमांडू (पीटीआई)। बाढ़ प्रभावित नेपाल ने पानी से होने वाली संभावित बीमारियों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मदद की अपील की है। बता दें कि नेपाल में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 67 लोगों की मौत हो गई है। इस आपदा से दसियों हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बीते गुरुवार से हो रही भारी बारिश के कारण इस हिमालयी देश के 25 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।

32 लोगों के लापता होने की सूचना
अधिकारियों का कहना है कि 32 लोगों के लापता लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में काठमांडू के तीन, मकनपुर के छह, ललितपुर, रौतहट और भोजपुर के पांच-पांच, धनुषा, खोतंग और कावरे जिले के चार-चार लोग शामिल हैं। इसी तरह खोतंग, धनुषा, कावरे से तीन-तीन, झापा, उदयपुर, बारा, परसा, मोहट्टारी, ढेडिंग और डोलपा से दो-दो और इलम, पंचतारा, मोरंग, सुनसरी, रमेछप, चितवन, पलपा और डांग से एक-एक लोगों की मौत हुई है। नेपाल पुलिस ने बताया कि उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 1,445 लोगों को बचाया है, जो काठमांडू, ललितपुर, धडिंग, रावतहाट, चितवन और सिरहा से जुड़े हैं।

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टीमों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजा जाएगा
काठमांडू पोस्ट अखबार के अनुसार, बारिश के चलते हुए नुकसान का आकलन करने के लिए रविवार को राजधानी काठमांडू में आपात बैठक बुलाई गई। इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ समेत कई अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। बैठक में स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय की ओर से स्थापित स्वास्थ्य आपात संचालन केंद्र ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मदद मांगी। इस केंद्र के प्रमुख चूड़ामणि भंडारी ने कहा, 'हमने उनसे यह आग्रह भी किया कि वे प्रभावित इलाकों में अपने स्थानीय तंत्र को सक्रिय कर दें। हमारी सभी साझीदार अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां हर तरह की मदद मुहैया कराने को राजी हैं।' उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को डॉक्टरों की आपात टीमें गठित करने का आदेश दिया है। इन टीमों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजा जाएगा।

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