परीक्षार्थियों के चेहरे पर उड़ती रही हवाईयां
परीक्षा छूटने के बाद परीक्षार्थियों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिलीं. परीक्षार्थियों ने बताया कि फस्र्ट पेपर में मैथ और रिजनिंग के सवाल तो ठीक-ठाक थे. मगर, टीचिंग एप्टीट्यूट के कई सवालों ने उन्हें चकराए रखा. सबसे ज्यादा संख्या इन्हीं क्वेशचंस की रही. जिनमें ज्यादातर मानसिक परख पर बेस्ड थे. कुछ सवाल तो ऐसे भी रहे जिनके आंसर के आप्शन में दिए गए सभी  विकल्प सही समझ में आ रहे थे. इन्हें परीक्षार्थी बड़ी मुश्किल से सॉल्व कर पाए. कुछ प्रश्न सामान्य ज्ञान पर भी बेस्ड थे. लेकिन ये क्वेश्चन भी ट्रेडिशनल तरीकों से हटकर पूछे गए.   

नकल में लगाते रहे अकल, परीक्षक रहे परेशान
उधर, एग्जाम के दौरान कई सेंटर्स पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली. इन सेंटर्स पर परीक्षकों की सख्ती नदारद दिखी. इससे वे परीक्षार्थी खासे नाखुश दिखे जो जमकर तैयारी करके आए थे. बताया गया कि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में परीक्षार्थी एक दूसरे की नकल मारते रहे. कुछ परीक्षकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो अधिक उम्र के परीक्षार्थियों ने कुछ युवा परीक्षकों को ऐसा हड़काया कि उनकी बोलती ही बंद हो गई.

17 परसेंट ने छोड़ दी यूजीसी नेट की परीक्षा
बहरहाल, संडे को रिकार्ड परीक्षार्थी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी सेंटर से नेट की परीक्षा में शामिल हुए. 26,300 में तकरीबन 83 प्रतिशत ने परीक्षा दी और 17 प्रतिशन ने परीक्षा छोड़ दी. बता दें कि यह परीक्षा कुल 39 सेंटर पर ऑर्गनाइज हुई. जिसका आयोजन तीन पालियों में दिन में 9:30 से 10:45, 10:45 से 12:00 एवं 1:30 से 4:00 बजे के बीच किया गया. फस्र्ट पेपर में 100 नम्बर के 60 में 50 प्रश्न, सेकेंड में 100 नम्बर के 50 एवं थर्ड में 150 नम्बर के 75 क्वेशचन करने थे. यूजीसी नेट के कोआर्डिनेटर प्रो. जगदम्बा सिंह ने बताया कि सभी सेंटर्स पर परीक्षा का आयोजन शान्तिपूर्ण रहा. कहीं से कोई कम्प्लेन नहीं मिली है.