-अब पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी इनवेस्टिगेशंस के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, सभी तरह की जांचे एक ही जगह पर करा सकेंगे पेशेंट्स

-मेडिकल कालेज को इंस्टीटयूट बनाने के बिल तैयार, प्रिंसिपल सेके्रटरी के साथ फाइनेंस, लॉ, पर्सनल और प्लानिंग डिपार्टमेंट की अहम मीटिंग

KANPUR: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को इंस्टीटयूट बनाने का काम तेज हो गया है। वेडनसडे को इस बाबत लखनऊ में मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने यूपी गवर्नमेंट के फाइनेंस, प्लानिंग, पर्सनल और लॉ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ एक अहम मीटिंग की। इस मीटिंग में जीएसवीएम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस को लेकर तैयार किया बिल भी रखा गया। इसे यूपी कैबिनेट के सामने पेश होने से पहले रिव्यू के लिए लॉ डिपार्टमेंट को भेजा जाएगा।

मीटिंग में मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स पर भी बात हुई। जिसमें एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्डियोलॉजी की स्वायत्ता का मसला भी उठा। हालांकि मेडिकल कॉलेज के इंस्टीट्यूट बनने के बाद कॉर्डियोलॉजी की फाइनेंशियल पॉवर खत्म हो जाएंगी, लेकिन इससे अलग कई और बड़े डेवलपमेंट होंगे। खास तौर से मीटिंग में इंस्टीट्यूट में नया डायग्नोस्टिक सेंटर बनाने पर सहमति बनी। मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डॉ.आरती लालचंदानी के मुताबिक इस डायग्नोस्टिक सेंटर में रेडियोडायग्नोसिस, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री की जांचे एक ही जगह पर हो सकेगी।

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डायग्नोस्टिक सेंटर क्यों जरूरी

मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डॉ.आरती लालचंदानी ने बताया कि अभी मेडिकल कॉलेज में अलग अलग तरह की जांचें कराने के लिए पेशेंट्स को अलग अलग जगहों पर जाना पड़ता है। डायग्नोस्टिक सेंटर को एलएलआर हॉस्पिटल के नए मल्टीस्टोरी ब्लॉक में ही तैयार किया जाएगा। जिसमें अल्ट्रा साउंड से लेकर एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई, खून की साधारण से लेकर स्पेशल जांचों की फैसेलिटीज होंगी। इससे पेशेंट्स को इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही डॉक्टर्स को भी रिपोर्ट वक्त पर मिलेगी।

होगी डायरेक्टर की नियुक्ति

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के इंस्टीट्यूट बनने के बाद प्रिंसिपल की जगह यहां का हेड डायरेक्टर होगा। डायरेक्टर के अधीन ही इंस्टीट्यूट के सभी हॉस्पिटल्स आएंगे। जिसमें जेके कैंसर इंस्टीट्यूट और एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्डियोलॉजी भी शामिल है। इसके अलावा मल्टी सुपरस्पेशिएलिटी ब्लॉक भी डायरेक्टर के अधीन ही होगा। डायरेक्टर कौन होगा इस पर भी स्थिति स्पष्ट हो गई है।