मुंबई (एएनआई)। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सचिन वाजे के मामले में बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। इस संबंध में एनआईए के एक सूत्र ने पुष्टि की है कि क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट (CIU) और सचिन वाजे के कामकाज पर स्पष्टता के लिए अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। परमबीर सिंह मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की सीरीज में तीसरे स्थान पर हैं जिन्हें बयान दर्ज करने के लिए एनआईए द्वारा बुलाया गया है। उनसे पहले, दो पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पराग मनेरे और अकबर पठान ने एनआईए के पास अपने बयान दर्ज कराए हैं।

सचिन मुंबई पुलिस के तत्कालीन सीपी परमबीर को सीधे रिपोर्ट करते थे

परमबीर सिंह का बयान क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट के प्रमुख होने के नाते महत्वपूर्ण होगा क्योंकि सचिन मुंबई पुलिस के तत्कालीन सीपी परमबीर को सीधे रिपोर्ट करते थे। विशेष रूप से, एनआईए यह समझने की कोशिश करेगा कि जांच के शुरुआती कुछ दिनों के दौरान एंटीलिया के सामने विस्फोटक भरी कार मिलने के मामले की जांच करते समय वाजे किस तरह की जांच कर रहे थे। सचिन वाजे उस समय क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर जो मनसुख हिरेन मामले की जांच के प्रभारी थे।

गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी

वहीं सचिन वाजे कथित भूमिका और अंबानी के आवास के बाहर विस्फोटक से भरे वाहन को रखने के आरोप में 7 अप्रैल तक एनआईए की हिरासत में लिए गए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक सामग्री रखे मिले वाहन के मालिक मनसुन हिरेन को ठाणे में 5 मार्च को मृत पाया गया था। उनकी मौत की जांच महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा की जा रही थी। हालांकि बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी।

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