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LUCKNOW : सोनभद्र में भूमि पर कब्जे के विवाद में ग्रामीणों पर गोलीबारी में नौ लोगों की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कमिश्नर मिर्जापुर और एडीजी जोन वाराणसी को संयुक्त रूप से घटना की जांच करके 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही डीजीपी ओपी सिंह को पूरे मामले की खुद मॉनीटरिंग करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए है। मुख्यमंत्री ने सोनभद्र के डीएम को घायलों का तत्काल समुचित इलाज मुहैया कराने को कहा है। उन्होंने घटना में मारे गये लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की है।

वरिष्ठ अधिकारी मौजूद
वहीं डीजीपी ओपी सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस विवाद में स्थानीय पुलिस द्वारा दो माह पूर्व निरोधात्मक कार्यवाही की जा चुकी थी। मंगलवार दोपहर जमीन खरीदने वाला प्रधान अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचा था जहां उसका ग्रामीणों से विवाद हुआ जिसके बाद उसके समर्थकों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से तीन महिलाएं और छह पुरुषों की मौत हो गयी है जबकि चार लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने घटना के बाद पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकियों की तलाश में घर-घर की तलाशी ली जा रही है। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
माफिया अतीक अहमद के छह ठिकानों पर सीबीआई का छापा
विपक्ष ने सरकार को घेरा

सोनभद्र में हुई जघन्य वारदात के बाद विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार पर हमले तेज कर दिए है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके कहा 'अपराधियों के आगे नतमस्तक भाजपा सरकार में एक और नरसंहार! सोनभद्र में भू-माफिया द्वारा जमीन विवाद के अंदर नौ लोगों की हत्या दहशत एवं दम का प्रतीक! सभी मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा दे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे सरकार।' वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी अपने ट्वीट में लिखा 'भाजपा राज में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गये हैं कि दिन-दहाड़े हत्याओं का दौर जारी है। सोनभद्र के उम्भा गांव में भू-माफिया द्वारा तीन महिलाओं समेत नौ गोंड आदिवासियों की सरेआम हत्या ने दिल दहला दिया। प्रशासन-प्रदेश मुखिया-मंत्री सब सो रहे हैं। क्या ऐसे बनेगा अपराध मुक्त प्रदेश।'

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