पिता ने पिछले साल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मांगी थी यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा देने की अनुमति

आठ महीने बाद शासन ने 9वीं में दाखिला देने को दी हरी झंडी

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PRAYAGRAJ: पिता अपने बेटे की प्रतिभा के कायल थे. उनका मानना था कि बेटे की उम्र भले ही आठ साल हो लेकिन वह 2019 में यूपी बोर्ड की हाई स्कूल की परीक्षा दे सकता है. उन्होंने शिक्षा मंत्री को बोर्ड के डायरेक्टर के थ्रू अर्जी देकर बेटे को हाईस्कूल की परीक्षा में सीधे बैठने की अनुमति मांगी. पिछले साल नवंबर में दी गयी चिट्ठी का रिस्पांस आ गया है. शासन ने उसे सीधे 10वीं की परीक्षा में बैठने की अनुमति तो नहीं दी. लेकिन, इस साल नवीं में दाखिला देने को ओके कर दिया है. अब नौ साल का हो चुका यह छात्र अपनी उम्र के बराबर की कक्षा में ही पढ़ाई करेगा, इसके लिए यूपी बोर्ड से आदेश निर्गत कर दिये गये हैं.

लखनऊ में रहता है परिवार
इस प्रतिभाशाली छात्र का नाम राष्ट्रम आदित्य श्रीकृष्ण है. उसके पिता का नाम पवन कुमार आचार्य है. लखनऊ के एल्डिको उद्यान-टू रक्षाखंड रायबरेली रोड निवासी पवन आचार्य ने बेटे की प्रतिभा को पहचान लिया था. हाईस्कूल की बुक्स के क्वैश्चंस साल्व करने में उसे ज्यादा वक्त नहीं लगता था. बेटे की इस प्रतिभा को उन्होंने अलग मुकाम दिलाने का फैसला लिया. यह जानते हुए भी कि राष्ट्रम ने प्राथमिक शिक्षा घर पर ही पूरी की है, उन्होंने डायरेक्टर माध्यमिक शिक्षा परिषद को अर्जी भेजी. इसमें बेटे की क्षमता से अवगत कराते हुए आग्रह किया कि उसे 2019 में होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाय. लास्ट इयर अक्टूबर में बोर्ड डायरेक्टर विनय कुमार पाण्डेय ने लेटर को नोटिस लेकर इसे बोर्ड सचिव के पास भेज दिया. बोर्ड में इस तरह का कोई प्रॉवीजन न होने पर लेटर को शासन को एप्रूवल के लिए फारवर्ड कर दिया गया था.

सीधे दाखिले के रास्ते का रोड़ा

यूपी बोर्ड की 10वीं व 12वीं परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकता है जिसका रजिस्ट्रेशन क्लास 7वीं व 11 में हुआ हो

हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र की उम्र 14 साल होना अनिवार्य है

आदित्य के प्रकरण में यह दोनों शर्ते पूरी नहीं हो रही थीं

पिता ने बताया कि वह आज तक किसी भी स्कूल में नहीं गया

इसके चलते सीधे प्रवेश देना मुश्किल हो गया

बोर्ड ने इस तथ्य को क्लीयर करने के लिए शासन के पास पत्र भेजा था

इस लेटर पर अब अप्रूवल आ गया है जिसमें राष्ट्रम को नवीं में सीधे दाखिल देने का निर्देश दिया गया है

पिता चाहते हैं बेटा बोर्ड परीक्षा दे
शासन के फैसले से यूपी बोर्ड ने राष्ट्रम के पिता को अवगत करा दिया है. सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रम के पिता की ख्वाहिश है कि उनका बेटा सीधे 10वीं की बोर्ड परीक्षा में एपीयर हो. वह बेटे को नवीं में दाखिला नहीं दिलाना चाहते. बता दें कि यूपी बोर्ड इसके पहले आठ वर्ष की सुषमा वर्मा व सात वर्ष की नैना जायसवाल को सीधे हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे चुका है. पिता ने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट से बातचीत में कहा कि उन्होंने बेटे को बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार कर रखा है.

राष्ट्रम आदित्य श्रीकृष्ण को सीधे कक्षा नौ में प्रवेश देने का आदेश शासन से मिला है. आदित्य के पिता को शासन के आदेश से अवगत करा दिया गया है.

नीना श्रीवास्तव

सचिव, यूपी बोर्ड