- भीषण गर्मी में खस्ताहाल बसों में ट्रैवल करने को लोग मजबूर, कंडम हो गई हैं एसी बसें, एनजीओज ने की शहर में एसी बसें चलाने की मांग

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kanpur. सिटी की आबादी भ्0 लाख के ऊपर जा चुकी है. लेकिन यहां एक भी एअरकंडीशंड सिटी बस पब्लिक को मुहैय्या नहीं है. परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में दी गई एसी बसें शहर में पूरे एक साल भी नहीं चल पाईं. शहर के कई सामाजिक संगठनों ने पत्र लिखकर सरकार से एसी सिटी बसें चलाने की मांग की है.

मेंटीनेंस के अभाव में हालत पतली

परिवहन विभाग ने तीन साल पूर्व सिटी के पैसेंजर्स के लिए म् एसी बसें निकाली थीं, जो कंडम हो चुकी हैं. विकास नगर में खस्ताहाल पड़ी हैं. मेंटीनेंस के अभाव में जेएनयूआरएम की बसों की हालत खस्ता है. एसी बसों के साथ-साथ करीब म्0 बसें कंडम हो चुकी हैं. एसी बसों में एक के पार्ट्स निकालकर दूसरे में लगाने का चलन बन गया था. एसी बसों में जब एसी के कंप्रेशर खराब होते थे तो कर्मचारी खड़ी बसों के एसी के कंप्रेशर लगा लेते थे. जिसके चलते सभी बसें बेकार हो गईं. विकास नगर डिपो में खड़े-खड़े बसों की ऐसी की तैसी हो गई है. बसों के एसी, बैटरी, पहिए व अन्य सामान गायब हो गया है.

अब तक सिटी को मिलीं आई बसें:

एसी बस- क्0 (मार्कोपोलो)

नान एसी बस- क्0(मार्कोपोलो)

लो फ्लोर बस- ख्0

मिनी बस- क्फ्0

चल रही हैं इस समय

एसी बस- 0

नान एसी बस- 8

लो फ्लोर बस- क्भ्

मिनी बसें- 80

कीमत:

नान एसी बस- म्0 लाख

मिनी बस- क्0 लाख

लो फ्लोर बस- क्म् लाख

एसी बस एक नजर:

सिटी में एसी बस- क्0

एसी बस कीमत- म्भ् लाख

एसी बसों का मेंटीनेंस खर्चा- 80 हजार सलाना

जरुरत है शुरु करने के लिए- क्.भ् करोड़

किराया- फूलबाग से कल्याणपुर तक का फ्0 रुपये

वर्जन:

बजट की बड़ी समस्या है. शासन से एसी बसों के मेंटीनेंस के लिए बजट मांगा गया है.

- राजीव चौहान, आरएम