RANCHI: राजधानी में खून की किल्लत हो गई है। राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स के अलावा सदर में भी लोगों को खून के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है। वहीं कई लोगों ने तो कांटैक्ट नंबर जारी कर ब्लड डोनेट करने की गुहार लगाई ताकि उनके मरीज को समय पर खून मिल सके। इसके बाद सिटी में कई ब्लड डोनर्स लॉकडाउन के बावजूद घरों से निकले। देखते ही देखते सदर हॉस्पिटल ब्लड बैंक के बाहर डोनर्स की लाइन लग गई। एक-एक कर लोगों का खून लिया गया और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया गया। वहीं ब्लड बैंक के अधिकारियों ने सिटी के लोगों से अपील की है कि जो भी लोग ब्लड डोनेट करने के इच्छुक हैं आकर ब्लड बैंक में डोनेट करें। आपके ब्लड डोनेट करने से किसी को नई जिंदगी मिल सकती है। साथ ही लोगों को ब्लड डोनेशन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखने को कहा जा रहा था।

थैलेसीमिया के मरीजों को जरूरत

वैसे तो ऑपरेशन के दौरान खून की जरूरत पड़ती है। लेकिन थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से ग्रसित मरीजों को हफ्ते में दो बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में जब ब्लड बैंक में खून ही नहीं होगा तो उन्हें काफी दिक्कत झेलनी होगी। इसके अलावा समय पर खून नहीं मिलने पर स्थिति नाजुक हो जाएगी।

की जा रही तैयारी

उधर, झारखंड सरकार का हेल्थ डिपार्टमेंट राज्य में कोरोनावायरस से निपटने के लिए राज्य के निजी, रिटायर तथा अन्य विभागों में कार्यरत डॉक्टरों की सेवा लेने की तैयारी कर रहा है। हेल्थ सेक्रेटरी डॉ नितिन कुलकर्णी ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलों के डीसी को एक लेटर भेजा है। इसमें कहा गया है कि कोरोनावायरस के प्रसार को देखते हुए सरकारी चिकित्सा व्यवस्था के सुदृढ़ बनाने के लिए अन्य डॉक्टरों की आवश्यकता पड़ सकती है। सभी जिलों में रिटायर एवं अन्य विभागों में कार्यरत डॉक्टर उपलब्ध हैं। साथ ही कई निजी डॉक्टर भी हैं। इन सभी की सेवाएं आवश्यकतानुसार प्राप्त की जा सकती है। तत्काल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टरों से संपर्क स्थापित कर ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कराई जाए, जिससे की जरूरत पड़ने पर सरकारी में उनसे सहयोग प्राप्त किया जा सके।

Posted By: Inextlive

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