- पार्किंग व्यवस्था न होने से सड़क पर पार्क होते हैं वाहन

ट्रैफिक पुलिस ने कई बार एमडीडीए को भेजा पत्र, असर नहीं

देहरादून, दून में ट्रैफिक व्यवस्थ में सुधार के लिए ट्रैफिक पुलिस पसीना बहा रही है. आए दिन डिपार्टमेंट की ओर से प्लानिंग्स होती हैं, लेकिन जमीन पर रिजल्ट नजर नहीं आता है. यही कारण है कि ट्रैफिक व पार्किंग की व्यवस्थाएं हर रोज आउट ऑफ ट्रैक हो रही हैं. शहर के बड़े मॉल्स व कॉम्प्लैक्स बेसमेंट में पार्किंग व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं. ट्रैफिक पुलिस ने कई बार एमडीडीए को पत्र भेजा. इन मॉल्स व कॉम्प्लैक्स की फेहरिस्त भी एमडीडीए को भेज दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

67 मॉल्स व कॉम्प्लैक्स चिन्हित

पिछले एक दशक में दून में बड़े-बड़े मॉल्स व कॉम्प्लेक्स की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. इन कॉम्पलेक्स में आने वाले लोगों के व्हीकल्स रोड पर ही पार्क कर दिये जाते हैं. जिसका सीधा असर ट्रैफिक पर पड़ता है. इस समस्या को देखते हुए एसपी ट्रैफिक के नेतृत्व में ऐसे मॉल्स व कॉम्प्लैक्स का चिन्हीकरण किया गया. दून ट्रैफिक पुलिस ने अपने सर्वे में पाया कि 67 ऐसे बड़े मॉल्स व कॉम्प्लेक्स हैं, जो अपने बेसमेंट पार्किंग का यूज नहीं करते हैं. ऐसे मॉल्स व कॉम्प्लेक्स शहर के हर इलाकों में चिन्हित किए गए हैं. ट्रैफिक पुलिस की ओर से दो बार पत्र भेजे जा चुके हैं. अब एमडीडीए का कहना है जल्द ही ज्वाइंट इंसपेक्शन किया जाएगा. उसके बाद बेसमेंट पार्किंग अनिवार्य कर दी जाएगी.

पहले भी हो चुका सर्वे

गत वर्ष एमडीडीए ने दून के कुछ इलाकों में दूसरे डिपार्टमेट्स के साथ ज्वाइंट सर्वे किया था. कुछ कार्रवाई भी हुई. लेकिन, फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इन चिन्हित मॉल्स व कॉम्प्लेक्स मालिकों ने बेसमेंट पार्किंग का यूज दूसरे कार्यो के लिए किया है.

ये हैं वे कॉम्पलेक्स

-प्रभात सिनेमा.

-जनपद कॉम्प्लेक्स

-होटल कुकरेजा.

-ओम सांई टॉवर.

-बीएसआर प्लाजा.

-बी मार्ट किशन नगर चौक.

-चंद्रा प्लाजा.

-सिंघल गेनाइट सेरेमिक वर्ड

-क्रिएशन टावर.

-केएफसी किशन नगर.

-एमबीएन टावर.

-काका टावर.

-श्री कृष्णा टावर

-कुबेर टावर

-इंद्रलोक प्लाजा.

-औरा फाइव स्टार

-फोरटोना टावर

-ड्रीम व्यूवर्स डोमिनोज

-आशीर्वाद टावर

-जायसवाल टावर

-एबी टावर.

-लायल्ड.

-एचआर टावर

-ए-1 टावर.

-खुराना टावर.

-सीएसएम वेंटेंड.

-क्यूबिक टावर.

-क्रॉन टावर.

-सृष्टि सुपर मार्केट.

-शिवा आरकेड.

-माया प्लाजा.

-बिंडलास कॉम्प्लैक्स.

-कपूर टावर.

-सेंटर प्वाइंट कॉम्प्लैक्स.

-तनिष्क.

-सेठी टावर इंद्रलोक टावर.

-फ‌र्स्ट क्राई.

-प्रीमियम प्लाजा.

-शिवा पैलेस.

-होटल बुलवार्ड.

-ओपाल जाउंज.

-कामिनी साड़ी, केएफसी स्पो‌र्ट्स फिट

-लक्ष्मी चैंबर.

-कृष्णा टावर.

-मैक प्लाजा.

-मी एंड मॉम्स.

-उत्तम पैलेस व वीवा.

-रेमंड शो रूम.

-वर्ड ट्रेड टावर, आनंद प्लाजा.

-बिंद्रा कॉम्प्लैक्स.

-टीवीएस शोरूम.

-टाउन टेबल.

-लेवल-1 रेस्टारेंट.

-शिवा टावर, कबीला होटल.

-एसएल मो‌र्ट्स.

-सिल्वर सिटी.

-डीडी मो‌र्ट्स व एंड ए टावर.

-पंजाब ग्रिल.

-सतगुरू प्लाजा, कुमार स्वीट जाखन.

-जोशी कॉम्प्लैक्स, अंजली डेरी.

-जीत आर्केड.

-होटल फोर प्वाइंट.

-पैसिफिक मॉल.

-पिनाकल रेजीडेंसी.

-इथोपिया हुंडई, डिवाइन डिप्लोवैल प्रा.लि.

-सागर रतन रेस्टोरेंट.

-ब्लेक पर्ल.

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ट्रैफिक पुलिस की ओर से इन मॉल्स व कॉम्प्लैक्स की सूची एमडीडीए को मिली है. इलेक्शन के कारण इस पर कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई. अब जल्द ही पीडब्ल्यूडी, पुलिस व एमडीडीए का ज्वाइंट इंसपेक्शन होगा. उसके बाद कार्रवाई शुरु कर दी जाएगी.

-जीसी गुणवंत, सचिव, एमडीडीए.

एमडीडीए को दो बार लेटर भेजा जा चुका है. 67 मॉल्स व कॉम्प्लेक्स की सूची फोटोग्राफ के साथ एमडीडीए को सौंपी जा चुकी है. बाकी प्राधिकरण को ही बेसमेंट पार्किंग की शुरुआत करनी है. इससे काफी सुधार हो सकेगा.

-प्रकाश चंद, एसपी ट्रैफिक.