- नालों की सफाई के बाद भी पब्लिक को नहीं मिल रही समस्या से निजात

- शहर के करीब 60 प्वॉइंट्स पर कायम वॉटर लॉगिंग के हालात

- पंपिंग सेट के सहारे जल निकासी की जद्दोजहद में जुटा नगर निगम

GORAKHPUR: नगर निगम हर साल वॉटर लॉगिंग खत्म करने के लिए दो से 3 करोड़ रुपए खर्च करता है. इसके बावजूद चार दिनों की बारिश में ही शहर पानी-पानी हो गया है. नगर निगम के आंकड़ों की मानें तो शहर के करीब 60 प्वॉइंट्स ऐसे हैं जहां वॉटर लॉगिंग होती है. जिम्मेदारों का कहना है कि बरसात से पहले सभी नालों की युद्ध स्तर पर सफाई कराई गई थी. हालांकि शहर में वॉटर लॉगिंग के हालात देख तो ऐसा कतई नहीं लग रहा.

खूब होती तैयारी

शहर से वॉटर लॉगिंग खत्म करने की जिम्मेदारी नगर निगम की है. निगम इसके लिए मार्च से ही तैयारी शुरू कर देता है. निगम का स्वास्थ्य विभाग शहर के सभी नालों की सफाई शुरू करा देता है. इसके लिए हर साल आउटसोर्सिग पर नाला गैंग रखे जाते हैं. यह नाला गैंग मार्च से लेकर सितंबर माह तक शहर के नालों की सफाई का कार्य करते हैं. इसके अलावा नाला सफाई के लिए नगर निगम के अफसरों की ड्यूटी के साथ ही पोकलेन मशीन, सिल्ट उठाने के लिए गाडि़यां लगाई जाती हैं. वहीं बारिश होने के बाद शहर में 100 से अधिक जगह पर पंपिंग सेट और स्थाई पंपिंग सेट की मदद से जल निकासी का कार्य किया जाता है. इस पर हर बारिश में नगर निगम द्वारा काफी पैसे खर्च होते हैं.

बरसों से दिक्कत, सुनने वाला कोई नहीं

शहर के चक्सा हुसैन, साकेत नगर और रामनगर एरिया में कई साल से बरसात में नारकीय हालात हो गए हैं.लेकिन जल जमाव के नाम पर काफी पैसा खर्च करने वाले नगर निगम ने इन एरियाज की जल निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. नगर निगम द्वारा यहां तीन पंपिंग सेट लगाकर जल निकासी के लिए काम कराया जा रहा है लेकिन कोई राहत नहीं मिल सकी है. साकेत नगर के मनोज का कहना है कि बारिश का पानी लोगों को परेशान कर रहा है. वहीं विनोद कुमार ने बताया कि जल जमाव होने की वजह से सड़कों पर पानी लग गया है. इसकी वजह से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

इन एरियाज में वॉटर लॉगिंग बढ़ा रही परेशानी

चार दिन की मूसलाधार बारिश के चलते नगर निगम में शिकायतों का सिलसिला जारी है. नगर निगम को मिलने वाली शिकायतों में मोहद्दीपुर, गिरधरगंज, बेनीगंज, नंदानगर, रानीडीहा, साकेतपुरी कॉलोनी, चक्सा हुसैन, रामनगर, पादरी बाजार, विकास नगर, धर्मशाला बाजार, इंदिरा नगर, रुस्तमपुर, सुमेर सागर, शेखपुर, साहबगंज, खूनीपुर, जंगल तुलसीराम, तिवारीपुर, रेती रोड, रामजानकी नगर, शाहपुर, गिरधरगंज, रामनगर कॉलोनी, झारखंडी, अशोक नगर, रायगंज समेत कई इलाकों से जल जमाव की शिकायतें दर्ज की गई हैं.

कोट्स

शहर के कई इलाकों में नगर निगम की ओर से नालों की सफाई कराई गई लेकिन सफाई के बाद भी नाले चोक हैं. यही कारण है कि बारिश की वजह से आज भी इलाके में जलभराव की स्थिति बनी हुई है.

अजय कुमार

सूरजकुंड एरिया में कई जगह जलजमाव की वजह से आवागमन पूरी तरह से बाधित है. शिकायत के बाद भी नगर निगम के अफसर और कर्मचारी नहीं सुन रहे हैं. इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सुमित सोनकर

नालों की सफाई के नाम पर नगर निगम ने करोड़ों रुपए खर्च किए फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. जिन नालों का निर्माण कार्य शुरू किया गया वह भी पूरा नहीं किया जा सका है जिससे जल निकासी का समस्या बनी हुई है.

सागर यादव

वर्जन

जिन इलाके में जलजमाव की शिकायतें मिल रही हैं वहां पर पंपिंग सेट लगाकर जल निकासी करवाई जा रही है. नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह मौके पर पहुंचकर पब्लिक की समस्याओं का तत्काल समाधान करें.

अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त