-पदोन्नति प्रक्रिया पर लगी रोक हटाई गई, लगभग 30 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा

देहरादून :

प्रमोशन में रिजर्वेशन का विरोध कर रहे राज्यकर्मियों के आगे शासन को झुकना पड़ा। शासन ने प्रमोशन पर लगी रोक हटा दी है साथ ही 5 सितंबर 2012 का शासनादेश प्रभावी कर दिया गया है, जिसमें प्रमोशन में रिजर्वेशन खत्म करते हुए प्रमोशन के आदेश दिए गए थे। शासन ने प्रमोशन के लिए एक सप्ताह के भीतर डीपीसी करने के भी आदेश दिए हैं। सरकार के इस फैसले से करीब 30 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। ये आदेश जारी होने के बाद उत्तराखंड जनरल-ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने 16 दिन से चल रही हड़ताल खत्म कर दी है।

प्रदेश में जनरल-ओबीसी कर्मचारी प्रमोशन में रिजर्वेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय को लागू करने और प्रदेश सरकार द्वारा प्रमोशन पर लगाई गई रोक हटाने की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। हड़ताल के कारण कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। कर्मचारियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए बुधवार को चीफ सेक्रेटरी उत्पल कुमार सिंह ने हड़ताली कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया। इस दौरान उन्होंने प्रमोशन पर लगी रोक हटाने पर सहमति जताई, हालांकि कर्मचारी अन्य मांगों पर भी सहमति की बात कर रहे थे, लेकिन चीफ सेक्रटरी ने केवल एक ही बिंदु पर सहमति देने की बात कही। इसके बाद कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिलने पहुंचा। यहां सीएम की सचिव राधिका झा ने कर्मचारियों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रमोशन पर लगी रोक हटाने का आदेश तुरंत जारी कर दिया जाएगा। आश्वासन दिया कि हड़ताल की अवधि के दौरान कर्मचारियों पर कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और इस अवधि का उपार्जित अवकाश दिया जाएगा। इसके बाद शासन ने आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के क्रम में सरकार ने 11 सितंबर 2019 को प्रमोशन पर लगाई गई रोक को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही पांच सितंबर 2012 का शासनादेश प्रभावी हो गया है। इसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों ने शासन का आभार जताते हुए हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।

Posted By: Inextlive

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