इंडस्ट्रीज के लिए फेमस सिटी
डिस्ट्रिक में शू इंडस्ट्री, फेमस मान्यूमेंट और अन्य बड़े-बड़े उद्योग होने के कारण आग लगने की घटनाएं अधिकतर होती रहती हैैं. इन सबसे निबटने के लिए ईदगाह फायर स्टेशन के अलावा शहर में ताजगंज स्टेशन और शास्त्रीपुरम स्टेशन को बनाया गया है.  
साल 2000 में हुई थी लास्ट भर्ती
1992 में एफएसओ की भर्तियां हुई थीं. उसके बाद ईयर 2000 में फायरमैन की भर्तियां हुईं. उसके बाद से अभी तक फायरमैनों की भर्तियां नहीं हुई हैं. इस दौरान अपनी सेवा पूरी कर चुके सैकड़ों लोग रिटायर होकर चले गए हैं. लेकिन अभी तक उन रिक्त नियुक्तियों को भरा नहीं गया है. डिस्ट्रिक में जितने फायरमैन जरूरत के हिसाब से होने चाहिए उससे आधे से भी कम इस समय काम कर रहे हैैं.
हो गई है हौच-पौच
ताजगंज और संजय प्लेस फायर स्टेशन को बनने के आदेश बीस साल से अधिक होने जा रहे हैं. लेकिन अभी दोनों को इदगाह फायर स्टेशन से ही ऑपरेट किया जा रहा है. इन एरियों में आग लगने पर यहीं से फायर पार्टी को भेजा जाता है. ताजगंज में आग की इंफार्मेशन पर संजय प्लेस फायर स्टेशन पर पोस्ट फायर मैन को भेजा जाता है.
कई फायरमैन हो चुके   हैैं unfit

ईदगाह फायर स्टेशन पर पोस्टेट ज्यादातर फायरमैन और दीवान बॉडी से अनफिट हो चुके हैं. गर्मियों में होने वाली आग की वारदातों में चोटों से घायल हो चुके हैं. ऊपर से गिरने के कारण कई के पैर में फैक्चर हो गए हैं. जो आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हैं. स्टाफ की कमी होने के कारण उनसे ही काम लिया जा रहा है. अब ऐसे में सवाल उठता है कि अनफिट फायरमैन सिटी में बढ़ती आग की घटनाओं पर कैसे काबू कर पाएंगे. जब शरीर ही फिट नहीं रहेगा तो काम कैसे कर पाएंगे. ये बात प्रशासन को सोचनी चाहिए.
फायर पुलिस को डिस्ट्रिक्ट में चाहिए इतना फोर्स

फायरमैन     -       200
दीवान     -           30
एफएसओ     -       06
एसीएफओ     -      01
सीएफओ     -        01
गाडिय़ां     -         27
प्रजेंट में है इतना फोर्स

फायरमैन     -     76
हेडकांस्टेबल    -      24
एफएसओ    -         05
एसीएफओ    -        01
सीएफओ    -         01
गाडिय़ां    -           15
फायर स्टेशन पर होना चाहिए फोर्स

फायरमैन    -         26
हेडकास्टेबल    -     07
एफएसओ       -    01
दमकल    -         07
ताजगंज में फोर्स

फायरमैन    -        07
ड्राईवर    -          02
दमकल    -         02
एफएसओ    -      01
फायर स्टेशन की जगह नहीं हैं.
शास्त्रीपुरम स्टेशन में भी हैं अनफिट लोग

फायरमैन    -         06
ड्राईवर    -           01
दमकल    -          01
एफएसओ    -       01
स्टेशन की जगह है.
बाह स्टेशन

फायरमैन    -         06
हेडकांस्टेबल    -     02
ड्राईवर    -           01    दमकल    -          02
एफएसओ    -       01
स्टेशन की जगह है.
बरहन स्टेशन

फायरमैन     -         07    हेडकांस्टेबल     -     02
ड्राईवर     -           01    दमकल     -          02
एफएसओ     -       01
यह है संजय प्लेस स्टेशन की स्थिति
फायरमैन    -         07
ड्राईवर    -           02
दमकल    -          02
एफएसओ    -       ०
फायर स्टेशन की जगह नहीं हैं.
दीवान का होता है मेन रोल
फायर स्टेशन पर दीवान का मुख्य रोल होता है. वह आग की घटना पर जाने के लिए इंचार्ज के रूप में वही पूरी फायर पार्टी को लेकर जाता है. घटना का जायजा लेने के बाद आग पर अटैक फायर मैन के  साथ दीवान ही करता है. आधे से अधिक फायर मैन अनफिट हो चुके हैं.
नहीं मानते सीनियर का आदेश
नाम न छापने की शर्त पर एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि आग संजय पैलेस में लगती है, और वहां पर ताजगंज के फायरमैन और दीवान को भेज दिया जाता है. तो दीवान आदेश को नहीं मानता. ऐसे में ऑफिसर चाहकर भी कोई कार्रवाई नहीं कर सकता. जिससे ऑफिसर के अंदर हीनभावना पैदा हो जाती है.
शलभ माथुर, एसएसपी आगरा.
फायर स्टेश्न में फोर्स की कमी चल रही है. जिसके कारण फोर्स कहीं भी भेजना पड़ता है. फोर्स अनडिस्पिलिन नहीं चलता. जो कोई ऑफिसर की बात नहीं मानता तो उसे पनिश किया जाता है. मेरे पास ऐसी कोई कंप्लेन नहीं आई है.
एबी पांडेय, सीएफओ आगरा.
हम हर हाल में फायर पार्टी को आग की घटना पर भेजते हैं. फायरमैन जान पर खेलकर आग को काबू करते हैं.