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JAMSHEDPUR: लौहनगरी के अधिकांश सरकारी बिल्डिंग्स में वाटर हार्वेस्टिंग टैंक नहीं होने की वजह से करोड़ों लीटर बारिश का पानी नालों में बहकर बर्बाद हो जाएगा. शहर में डीसी ऑफिस, जेएनएसी ऑफिस और बिष्टुपुर स्थित टाटा स्टील यूनियन स्कूल को छोड़कर कर सरकारी दतरों में वाटर हार्वेस्टिंग टैंक नहीं है. जेएनएसी के अधिकारियों ने बताया कि इलाके के सभी गवर्नमेंट बिल्डिंग्स का सर्वे कर वाटर हार्वेस्टिंग टैंक की जानकारी मांगी गई थी. अधिकारियों ने बताया सर्वे में तीन संस्थानों को छोड़कर कहीं ाी टैंक नहीं मिला, जिसकी रिपोर्ट विाग को ोज दी गई है.

यहां नहीं वाटर हार्वेस्टिंग टैंक

एसएसपी ऑफिस, डीटीओ ऑफिस, जिला आपूर्ति कार्यालय, अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय, जिला निर्वाचन कार्यालय, जिला सूचना अधिकारी कार्यालय, जिला निबंधन कार्यालय, जिला न्यायाधीश कार्यालय, जिला सेवायोजन कार्यालय, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, एमजीएम हॉस्पिटल, एमएनएसी ऑफिस, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानगो, जेकेएस इंटर एवं डिग्री कॉलेज मागनो, वर्कर्स कॉलेज मानगो, को-ऑपरेटिव कॉलेज, वीमेंस कॉलेज बिष्टुपुर, ग्रेजुएट कालेज, एबीएम कॉलेज, एलबीएसएम कॉलेज, झारांड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, जिला अस्पताल, प्रमंडल और अनुमंडल कार्यालय, नवीन मंडी परसुडीह, टाटानगर रेलवे स्टेशन.

70 संस्थानों को दिया नोटिस

जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी (जेएनएसी) के अधिकारियों ने नोटिफाइड ऐरिया में वाटर हार्वेस्िटग टैंक नहीं बनाने वाले 70 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया था. टैंक नहीं बनाने वालों में कई सोसाइटी के मालिक, होटल कारोबारी व नामी स्कूल भी शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से टैंक नहीं बनाने वाले लोगों से लिया जाने वाला समन तय नहीं हो पाने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने बताया कि पहले आदेश में होल्डिंग टैक्स के आधार पर वाटर हार्वेस्टिंग टैंक नहीं बनाने का दंड लेना था, लेकिन अग्रिम आदेश नहीं आने से अभी तक कार्रवाई पेडिंग है.

हॉस्टल में वाटर टैंक को किया बंद

एमजीएम मेडिकल कॉलेज के साकची स्थित ब्वॉयज हॉस्टल में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए बनाया गया टैंक बंद कर दिया. हॉस्टल के जूनियर डाक्टरों ने बताया कि टैंक बनाकर छोड़ने से उसमें मच्छर पनपने लगे थे जिसको देखते हुए इसे ढक दिया है. विभागीय लापरवही से टैंक बनाने के बाद उसे ढका नहीं गया. बता दें कि शहर में वाटर लेबल लगातार नीचे गिरने के कारण वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया जा रहा है.

छत पर टैंक बनाने पर विचार

शहर में बने मकानों में जगह नहीं होने के चलते सरकार छत पर ही टैंक बनाने पर विचार कर रही हैं. इस योजना के तहत छत पर टैंक बनाकर पानी स्टोर किया जाएगा. इस पानी का उपयोग कपड़े धोने, बर्तन साफ करने व पेड़ों में पानी डालने में किया जा सकता है. जिससे इन कामों में खर्च होने वाले पानी की बचत होगी. इससे शहर में पानी की खपत को कम किया जा सकता है. अधिकारियों की मानें तो इस योजना से पानी खराब हो सकता है, पानी के ठहराव से लार्वा बनता है जिससे मच्छर पनप सकते हैं.

जल संसाधन विभाग ने शहर के सभी सरकारी कार्यालयों का सर्वे कर वाटर हार्वेस्टिंग की रिपोर्ट मांगी है. शहर के जिन सरकारी कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग नहीं हैं, वहां जल्द ही टैंक बनाकर बारिश के पानी को संरक्षित किया जाएगा.

माधवी मिश्रा, एसडीओ, धालभूमगढ़