स्टॉकहोम/लंदन (रॉयटर्स)। चिकित्सा विज्ञान के नोबेल विजेताओं की घोषणा हो गई है। इस वर्ष मेडिसिन में नोबेल प्राइज दो अमेरिकियों और एक ब्रिटिश चिकित्सा वैज्ञानिक को मिलने जा रहा है। जिन्होंने शरीर में मॉलिक्यूलर स्विच की खोज की है। यह स्विच मानव शरीर की कोशिकाओं में होने वाले ऑक्सीजन के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करता है। तीनों वैज्ञानिकों की इस खोज ने चिकित्सा विज्ञान के लिए हार्ट फेल होने, अनीमिया व कैंसर जैसे रोगों के इलाज की दिशा में और आगे बढ़ने के लिए नई राह दिखाई है।  

किसे मिला 2019 का मेडिसिन में नोबेल प्राइज  
अमेरिका के डाना-फ़ार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के विलियम केलिन उस समय अवाक रह गए थे जब उन्हें बताया गया कि दो अन्य चिकित्सकों, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के ग्रीग सेमेनिया और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ब्रिटेन के पीटर रैटक्लिफ, को संयुक्त रूप से 9 मिलियन स्वीडिश क्राउन ($ 913,000) का नोबेल पुरस्कार मिलेगा। नोबेल असेंबली के सदस्य थॉमस पेरलमन ने कहा, 'घोषणा के बाद वे एक-दूसरे के साथ पुरस्कार साझा करते हुए बेहद खुश थे।'
किसलिए मिला नोबेल पुरस्कार 
तीनों चिकित्सा वैज्ञानिकों के काम ने यह समझने का आधार दिया है कि कोशिकाएं ऑक्सीजन के स्तर को कैसे महसूस करती हैं-एक खोज जिस पर मेडिसिन रिसर्चर विभिन्न रोगों के उपचारों को विकसित करने के लिए आगे काम कर रहे हैं, उपचार जो शरीर के ऑक्सीजन-संवेदी तंत्र को सक्रिय या अवरुद्ध करके काम करते हैं। ब्रिटेन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के एक विशेषज्ञ एंड्रयू मुर्रे ने तीनों को बधाई देते हुए कहा कि उनके काम का केंद्र बिंदु हाइपॉक्सिक रिस्पांस है-शरीर ऑक्सीजन के प्रवाह पर किस तरह की प्रतिक्रिया देता है और इससे उस प्रक्रिया को समझा जा सका जिसके जरिए हमारी कोशिकाएं ऑक्सीजन के स्तर को समझती व प्रतिक्रिया देती हैं।     

कितनी महत्वपूर्ण है यह खोज 
रान्डेल जॉनसन, करोलिंस्का इंस्टीट्यूट, स्वीडन के एक प्रोफेसर ने कहा कि चूंकि 'ऑक्सीजन जीवन के लिए आवश्यक है और वस्तुतः जानवरों की सभी कोशिकाओं इसका उपयोग करती हैं, यह खोज शरीर के क्रियाकलापों के समझने के केंद्र में है। 'यह एक पुरस्कार इसलिए है कि जो वास्तव में हमें मौलिक सत्य बताता है कि कोशिकाएं कैसे काम करती हैं,' उन्होंने कहा। 'उदाहरण के लिए, जब आप व्यायाम कर रहे होते हैं, तो आप बहुत अधिक तीव्र गति से ऑक्सीजन का उपयोग कर रहे होते हैं ... और एक ऐसा स्विच होता है जो सेल को यह पता लगाने में मदद करता है कि उसे कितनी ऑक्सीजन मिल रही है और उसे कैसे व्यवहार करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि अगर किसी को ह्दयाघात होता है, तो मस्तिष्क में अचानक ऑक्सीजन नहीं जा रही होती है ... उन कोशिकाओं, यदि वे जीवित रहना चाहती हैं, तो ऑक्सीजन का स्तर अनुकूल होने के लिए रास्ता खोजने की जरूरत होगी। 
नोबेल पुरस्कार का इतिहास 
प्रत्येक वर्ष दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों में से मेडिसिन पहला होता है। विज्ञान, शांति और साहित्य में उपलब्धियों के लिए पुरस्कार 1901 से दिए गए हैं और यह डायनामाइट आविष्कारक और व्यवसायी अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा में बनाया गया है। मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार विजेताओं में पेंसिलिन के आविष्कारक महान वैज्ञानिक अलेक्जेंडर फ्लेमिंग और कार्ल लैंडस्टीनर का नाम शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग रक्त प्रकारों की पहचान की और इसलिए सुरक्षित रूप रक्त चढ़ाना संभव हो सका।

स्टॉकहोम/लंदन (रॉयटर्स)। चिकित्सा विज्ञान के नोबेल विजेताओं की घोषणा हो गई है। इस वर्ष मेडिसिन में नोबेल प्राइज दो अमेरिकियों और एक ब्रिटिश चिकित्सा वैज्ञानिक को मिलने जा रहा है। जिन्होंने शरीर में मॉलिक्यूलर स्विच की खोज की है। यह स्विच मानव शरीर की कोशिकाओं में होने वाले ऑक्सीजन के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करता है। तीनों वैज्ञानिकों की इस खोज ने चिकित्सा विज्ञान के लिए हार्ट फेल होने, अनीमिया व कैंसर जैसे रोगों के इलाज की दिशा में और आगे बढ़ने के लिए नई राह दिखाई है।

किसे मिला 2019 का मेडिसिन में नोबेल प्राइज 

अमेरिका के डाना-फ़ार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के विलियम केलिन उस समय अवाक रह गए थे जब उन्हें बताया गया कि दो अन्य चिकित्सकों, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के ग्रीग सेमेनिया और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ब्रिटेन के पीटर रैटक्लिफ, को संयुक्त रूप से 9 मिलियन स्वीडिश क्राउन ($ 913,000) का नोबेल पुरस्कार मिलेगा। नोबेल असेंबली के सदस्य थॉमस पेरलमन ने कहा, 'घोषणा के बाद वे एक-दूसरे के साथ पुरस्कार साझा करते हुए बेहद खुश थे।'

किसलिए मिला नोबेल पुरस्कार

तीनों चिकित्सा वैज्ञानिकों के काम ने यह समझने का आधार दिया है कि कोशिकाएं ऑक्सीजन के स्तर को कैसे महसूस करती हैं-एक खोज जिस पर मेडिसिन रिसर्चर विभिन्न रोगों के उपचारों को विकसित करने के लिए आगे काम कर रहे हैं, उपचार जो शरीर के ऑक्सीजन-संवेदी तंत्र को सक्रिय या अवरुद्ध करके काम करते हैं। ब्रिटेन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के एक विशेषज्ञ एंड्रयू मुर्रे ने तीनों को बधाई देते हुए कहा कि उनके काम का केंद्र बिंदु हाइपॉक्सिक रिस्पांस है-शरीर ऑक्सीजन के प्रवाह पर किस तरह की प्रतिक्रिया देता है और इससे उस प्रक्रिया को समझा जा सका जिसके जरिए हमारी कोशिकाएं ऑक्सीजन के स्तर को समझती व प्रतिक्रिया देती हैं।

कितनी महत्वपूर्ण है यह खोज

रान्डेल जॉनसन, करोलिंस्का इंस्टीट्यूट, स्वीडन के एक प्रोफेसर ने कहा कि चूंकि 'ऑक्सीजन जीवन के लिए आवश्यक है और वस्तुतः जानवरों की सभी कोशिकाओं इसका उपयोग करती हैं, यह खोज शरीर के क्रियाकलापों के समझने के केंद्र में है। 'यह एक पुरस्कार इसलिए है कि जो वास्तव में हमें मौलिक सत्य बताता है कि कोशिकाएं कैसे काम करती हैं,' उन्होंने कहा। 'उदाहरण के लिए, जब आप व्यायाम कर रहे होते हैं, तो आप बहुत अधिक तीव्र गति से ऑक्सीजन का उपयोग कर रहे होते हैं ... और एक ऐसा स्विच होता है जो सेल को यह पता लगाने में मदद करता है कि उसे कितनी ऑक्सीजन मिल रही है और उसे कैसे व्यवहार करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि अगर किसी को ह्दयाघात होता है, तो मस्तिष्क में अचानक ऑक्सीजन नहीं जा रही होती है ... उन कोशिकाओं, यदि वे जीवित रहना चाहती हैं, तो ऑक्सीजन का स्तर अनुकूल होने के लिए रास्ता खोजने की जरूरत होगी।

नोबेल पुरस्कार का इतिहास

प्रत्येक वर्ष दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों में से मेडिसिन पहला होता है। विज्ञान, शांति और साहित्य में उपलब्धियों के लिए पुरस्कार 1901 से दिए गए हैं और यह डायनामाइट आविष्कारक और व्यवसायी अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा में बनाया गया है। मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार विजेताओं में पेंसिलिन के आविष्कारक महान वैज्ञानिक अलेक्जेंडर फ्लेमिंग और कार्ल लैंडस्टीनर का नाम शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग रक्त प्रकारों की पहचान की और इसलिए सुरक्षित रूप रक्त चढ़ाना संभव हो सका।

Posted By: Mayank Kumar Shukla

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