मेरठ (ब्यूरो)। 1 सितंबर से मोटर व्हीकल एक्ट में हुए संशोधन से जहां एक तरफ वाहन चालकों पर जुर्माने का बोझ बढ़ा है वहीं दूसरी ओर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जिले की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। जिससे अब किसी भी जिले में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जा सकते हैं। यानि अगर आप उप्र के किसी भी जिले के रहने वाले हों आप वर्तमान में जिस जिले में रह रहे हैं वहां अपने लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं। यह सुविधा विभाग में लागू की जा चुकी है।

देना होगा शपथ पत्र

एक सितंबर से लागू हुए इस नियम के अनुसार राज्य में कहीं से भी ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जा सकेगा। यानी यदि आप अपने ही राज्य के किसी दूसरे जिले में रहते हैं तो आपको ड्राइविंग लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए अपने जनपद से एनओसी लाने की भी अब जरुरत नही है आप अपने मूल निवासी का मात्र एक शपथ पत्र देकर मेरठ से लाइसेंस बनवा सकेंगे। इस नियम का सबसे अधिक फायदा मेरठ में पढऩे वाले बाहरी जिलों के छात्र छात्राओं से लेकर जॉब करने वाले आवेदकों के लिए रहेगा।

ऑनलाइन नहीं मिलेगी सुविधा

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार फिलहाल आवेदकों को शपथ पत्र जमा करने की यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होगी। इसके लिए आवेदक को आरटीओ जाकर ही ड्राइविंग लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए डायरेक्ट शपथ पत्र जमा करना होगा। इस शपथ पत्र में अपने मूल निवासी के संबंध में सही जानकारी देनी होगी और इस जनपद में आवेदन का कारण भी स्पष्ट करना होगा।

शपथ पत्र को होगा सत्यापन

जिसे मूल निवासी का शपथ पत्र विभाग में दिया जाएगा विभाग द्वारा उसी डाक पते पर ड्राइविंग लाइसेंस को डिलीवर किया जाएगा। इससे पहले विभाग शपथ पत्र का सत्यापन कराएगा इसके साथ आधार कार्ड भी अनिवार्य होगा। बिना आधार कार्ड यह आवेदन नही माना जाएगा। बाद में इस शपथ पत्र को आवेदक की ऑनलाइन डिटेल के साथ अपलोड कर दिया जाएगा।

'पहले अपने जिले से एनओसी लानी होती थी तब गैर जनपद में लाइसेंस जारी होता था। लेकिन अब एक शपथ पत्र देकर मेरठ में रहने वाले गैर जनपद के आवेदक लाइसेंस बनवा सकते हैं।'

- सीएल निगम, आरआई

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