कान्हा उपवन में पशु-4 हजार

हर गाय प्रतिदिन देती गोबर-5 किलो

खाद बनाने का लक्ष्य-10 हजार किलो प्रतिदिन

इतनी खाद के लिए गायों की जरूरत-2 हजार

- नगर निगम की ओर से तैयारियां शुरू की गईं

- हाल में खाद बनाने का काम शुरू किया गया है

abhishekmishra@inext.co.in

LUCKNOW

अब कान्हा उपवन में हवन सामग्री भी तैयार की जाएगी. इसके लिए निगम की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. खास बात यह है कि हवन सामग्री बनाने में मंदिरों और पार्को से निकलने वाले वेस्ट फूलों को प्रयोग में लाया जाएगा. इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फूलों को नदी, तालाबों और नालियों आदि में नहीं फेंका जा सकेगा.

बन रही खाद

हाल में ही निगम की ओर से कान्हा उपवन में खाद बनाने का काम शुरू किया गया है. इस खाद को उपवन में मौजूद गायों के गोबर से तैयार किया जा रहा है. इसके बाद अब अगले चरण में हवन सामग्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

स्टॉक हो गया खत्म

कान्हा उपवन में निर्मित होने वाली खाद को पहले चरण में पुष्प प्रदर्शनी में रखा गया था. आलम यह है कि प्रदर्शनी में रखा गया स्टॉक एक झटके में ही खत्म हो गया. यह भी जानकारी सामने आई है कि कान्हा उपवन में हर दिन करीब 10 हजार किलो खाद बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

इस तरह बनेगी सामग्री

जानकारी के अनुसार, सबसे पहले तो पार्को और मंदिरों से निकलने वाले वेस्ट फूलों को कलेक्ट किया जाएगा. इसके बाद फूलों को उपवन परिसर में सूखाया जाएगा. फूलों के पूरी तरह से सूखने के बाद इन्हें गायों के गोबर में मिक्स किया जाएगा. इसके बाद एक मशीन की मदद से साबुन के आकार में पीस काटे जाएंगे. पीस के सूखने के बाद इसे हवन सामग्री के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा.

नहीं पड़ेगी जरूरत

अगर आप घर या कहीं भी हवन करने जा रहे हैं और लकड़ी की व्यवस्था नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. उपवन में बनने वाली हवन सामग्री का यूज लकड़ी के रूप में भी किया जा सकेगा. खास बात यह है कि जल्द ही उपवन में बनने वाली हवन सामग्री को मार्केट में भी उतारा जाएगा. जिसे आसानी से जनता खरीद सकेगी. अभी तो रेट तय नहीं है लेकिन इसे 10 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से बेचा जा सकता है.

हमारी ओर से खाद के बाद अब कान्हा उपवन में हवन सामग्री का भी निर्माण शुरू कराया जाएगा. इसे बनाने में मंदिरों और पार्को से निकलने वाले वेस्ट फूलों का प्रयोग किया जाएगा. फिलहाल इसकी कीमत 10 रुपये पैकेट (250 ग्राम)रखी जाएगी.

अनिल मिश्रा, अपर नगर आयुक्त