- 120 दिन का होगा एडवांस रिजर्वेशन पीरियड

- बच्चों को नहीं मिलेगी किसी तरह की छूट

GORAKHPUR: देश भर में दौड़ने वाली हमसफर में रेलवे मिनिस्ट्री ने जहां फ्लेक्सी फेयर सिस्टम खत्म कर दिया है, तो वहीं इसमें जोन को भी अपने ट्रैफिक के मुताबिक स्लीपर के कोच लगाने की परमिशन दी गई है. हमसफर अब रियायत के मामले में भी पैसेंजर्स का साथ निभाएगी. चार्ट बनने तक अगर सीट्स फुल नहीं होती हैं, तो पैसेंजर्स को क्0 परसेंट रियायत के साथ स्लीपर कोच में जगह मिल सकेगी. इसके लिए बाकायदा रेलवे मिनिस्ट्री ने सर्कुलर भी जारी कर दिया है. खास बात यह है कि स्लीपर का किराया नॉर्मल मेल या एक्सप्रेस ट्रेंस के स्लीपर कोच से सिर्फ क्.क्भ् टाइम ही ज्यादा होगा. रिजर्वेशन और सुपरफास्ट का चार्ज अलग से लिया जाएगा. वहीं तत्काल टिकट के लिए पैसेंजर्स को बेसफेयर के साथ नॉर्मल तत्काल चार्ज ही चुकाने पड़ेंगे.

क्ख्0 दिन पहले होगा टिकट

रेलवे ने हमसफर में लगने वाले कोचेज का एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (एआरपी) नॉर्मल ट्रेंस की तरह ही क्ख्0 दिन रखा है. यानि कि पैसेंजर्स हमसफर के स्लीपर में चार मंथ पहले ही रिजर्वेशन करा सकेंगे. वहीं हाल में ही जारी की गई ग्रेडेड डिस्काउंट स्कीम भी स्लीपर क्लास में अप्लीकेबल नहीं होगी. यानि कि भ्0 परसेंट से कम सीट बुक होने की कंडीशन में भी स्लीपर क्लास में पैसेंजर्स को किसी तरह का डिस्काउंट नहीं दिया जाएगा. वहीं रीफंड रूल भी नॉर्मल ट्रेंस की तरह ही रखे गए हैं.

नॉर्मल चाइल्ड फेयर रूल होगा अप्लाई

सर्कुलर में इस बात को भी साफ किया गया है कि हमसफर के स्लीपर क्लास में बच्चों के लिए भी अलग से कोई डिस्काउंट का कोई प्रोवीजन नहीं है. इसमें नॉर्मल चाइल्ड फेयर रूल अप्लाई होगा. वहीं कंसेशनल और कॉम्प्लीमेंटरी पासेज पर भी कोई टिकट जारी नहीं किए जाएंगे. सिर्फ मेंबर ऑफ पार्लियामेंट और एमएलए व एमएलसी को जारी किए गए रेल ट्रैवेल कूपन का फुली रिंबर्समेंट होगा. डिफेंस वारंट एक्चुअल फेयर के अकॉर्डिग रिंबर्स किया जाएगा.

गोरखपुर में अभी इंतजार

गोरखपुर से दो हमसफर ट्रेंस दिल्ली के लिए फर्राटा भरती हैं. इसमें भी स्लीपर कोच कबसे लगेंगे, यह अभी तय नहीं है. ऐसा इसलिए कि फिलहाल टुंडला में नॉन इंटरलॉकिंग वर्क चल रहा है. इसकी वजह से फ्0 सितंबर से ही हमसफर निरस्त चल रही है. क्9 अक्टूबर तक अभी ट्रेन का सस्पेंशन जारी रहेगा. ख्0 अक्टूबर के बाद ट्रेन चलाई जाएगी, जिसके बाद यह तय हो सकेगा कि इसमें कितनी बर्थ खाली रह रही है, उसी के अकॉर्डिग रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन स्लीपर कोच लगाने का फैसला करेगा.

गोरखपुर से ही दौड़ी थी देश की पहली हमसफर

देश की पहली एसी हमसफर ट्रेन ने गोरखपुर से ही दौड़ लगाई थी. क्म् दिसंबर ख्0क्म् को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सांसद के तौर पर शिरकत कर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर ऑर्गनाइज प्रोग्राम में एनई रेलवे के जीएम राजीव मिश्र सहित अन्य लोग मौजूद थे. हरी झंडी मिलने के बाद हमसफर ट्रेन 0ख्भ्97 नंबर से स्पेशल के तौर पर बढ़नी होकर आनंद विहार के लिए रवाना हो गई. बाद में इसका नंबर चेंज किया गया. अब गोरखपुर होकर दो हमसफर दौड़ लगा रही हैं.