एनपीपीए ने जारी की दवाइयों की नई सूची

कंपनियां ज्यादा कीमत पर नहीं बेच पाएंगी दवाइयां

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MEERUT: डायबिटीज, दर्द, एंटीबॉयोटिक समेत तमाम दवाइयां अब मरीजों की जेब पर मार नहीं कर सकेंगी. महंगी दरों पर बिकने वाली 18 दवाइयों पर एनपीपीए यानि नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने नकेल कस दी है. जिसके तहत इन दवाइयों की मैंयूफैक्चरिंग करने वाली कंपनियां प्राइसकैप से ज्यादा कीमत पर दवाइयों को नहीं बेच सकेंगी. दवा व्यापारियों के मुताबिक इन दवाइयों के दामों में एनपीपीए ने करीब 40 से 50 प्रतिशत की कमी की है.

ये दवाइयां हैं शामिल

वोवरॉन इंजेक्शन

डाइक्लोफेनिक टैबलेट

मेटाफार्मिन बिग्लीवास कैप्सूल

पेंटोप्राजोल डोपेरिडान टैब

रिप्रेब्राजोल डोंपेरिडान

रेपोइटिन इंजेक्शन

इसके अलावा कई अन्य दवाइयों को भी शामिल किया गया है.

मरीजों को मिलेगा फायदा
प्राइसकैप लगने से कई गंभीर और आमतौर पर प्रिस्क्राइब्ड दवाइयों की कीमतों में कमी जाएगी. इससे डायबिटीज, दर्द, गैस जैसी बीमारियों के मरीजों की जेब पर कम भार पड़ेगा. हालांकि इसमें कुछ दवाइयां कैंसर की भी शामिल हैं.

ये मेडिसिन कंपनियां शामिल
एनपीपीए की ओर से लगाए गए प्राइस कैप में कुछ तय मेडिसिन कंपनियों को शामिल किया गया है.

यूनिसन फार्मास्यूटिकल

इनवेंशिया हेल्थ केयर

प्योर एंड क्योर हेल्थकेयर

एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स

थिओन फार्मास्यूटिकल्स ओ सेरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं.

एनपीपीए ने नोटिफिकेशन दे दिया है. नए बैच की दवाइयां आने के बाद मरीजों को इसका लाभ मिल पाएगा. 18 सभी दवाइयों की सूची भी हमारे पास नहीं आई है.

रजनीश कौशल, महामंत्री, जिला मेरठ केमिस्ट एसोसिएशन