- प्रवासी भारतीय दिवस का समापन होते ही एनआरआई की रवानगी शुरू

- फैमिली के लिए बने त्रिवेणी कॉटेज शुरू से ही खाली पड़े रहे

 

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VARANASI : रिंग रोड़ स्थित ऐढ़े गांव में बसी टेंट सिटी से प्रवासी भारतीयों की रवानगी शुरू हो गयी. बुधवार शाम तक करीब तीन सौ कॉटेज खाली हो गए. इसके अलावा बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय शहर घूमने में व्यस्त रहे, जिसके चलते टेंट सिटी में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा.

 

दर्शन पूजन को निकले

बनारस में 21 जनवरी से शुरू प्रवासी भारतीय दिवस का बुधवार को समापन हो गया. टेंट सिटी में काशी विला (डीलक्स विला), सरस्वती स्विस कॉटेज (डीलक्स रॉयल कॉटेज) व त्रिवेणी कॉटेज (4-बिस्तर वाला पारिवारिक कॉटेज) बने हैं. कुल कॉटेज की संख्या 620 है. इसमें 1480 प्रवासियों को ठहराने की व्यवस्था थी, लेकिन फैमिली के लिए बने त्रिवेणी कॉटेज शुरू से ही खाली पड़े थे. टेंट सिटी में 21 से 23 जनवरी तक लगभग 1200 प्रवासी भारतीयों का आगमन हुआ. पीबीडी के समापन के बाद बुधवार को 333 कॉटेज में ही प्रवासी भारतीय रुके हैं, बाकी खाली हो चुका है. बुधवार सुबह अधिकतर प्रवासी भारतीय शहर घूमने और काशी विश्वनाथ के दर्शन को निकल गए. इसके चलते दिनभर टेंट सिटी में सन्नाटा पसरा रहा.

 

थोड़ी देर के लिए गुल रही बिजली

 

मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाये रहे. दोपहर से बारिश की संभावना बन रही थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने के बाद देर रात जोरदार बारिश शुरू हो गयी. इस दौरान कोई अनहोनी न हो, इसलिए करीब आधे घंटे के लिए बिजली की सप्लाई बंद कर दी गयी थी.

 

बारिश से बनी कीचड़ की स्थिति

 

मंगलवार देर रात जोरदार बारिश के चलते टेंट सिटी में कीचड़ की स्थिति बन गयी. बुधवार सुबह से टेंट सिटी में सफाई शुरू हो गयी. झाड़ू लगाकर कीचड़ साफ किया गया.