क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रांची यूनिवर्सिटी में बार-बार एडमिशन की तिथि बढ़ाए जाने का सीधा असर स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन पर पड़ रहा है. पिछले साल भी एडमिशन प्रॉसेस लंबा चलने का हवाला देकर स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन को टाल दिया गया था. यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन की यह मंशा छात्र हित में नहीं है. एनएसयूआई के बिहार-झारखंड-पश्चिम बंगाल के रिजनल मीडिया को-ऑर्डिनेटर अभिनव भगत ने कहा है कि सरकार और यूनिवर्सिटी की गलतियों और नाकामियों की वजह से छात्र संघ का चुनाव समय पर नहीं हो पा रहा है. ऐसे में गवर्नर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देने के साथ उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की जाएगी.

चुनाव में विलंब बर्दाश्त नहीं

अभिनव भगत ने कहा कि आरयू में इस बार स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन में लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को हर हाल में इलेक्शन कराना होगा. स्टूडेंट्स यूनियन नहीं होने से स्टूडेंट्स के हितों के साथ खिलवाड़ हो रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

एडमिशन के नाम पर करोड़ो खर्च, फिर भी उलझनें

छात्र संगठनों का कहना है कि चांसलर पोर्टल पर सरकार ने करोड़ों रूपये खर्च कर दिए गए, लेकिन नामांकन प्रक्त्रिया में छात्रों की परेशानी थमने का नाम ही नहीं ले रही है. विदित हो कि रांची विवि प्रशासन ने एडमिशन फॉर्म जमा करने की तिथि 18 से 30 जून तक निर्धारित की थी, लेकिन काफी कम आवेदन आने के बाद पहली बार 10 जुलाई तक तिथि बढ़ाई गई. दूसरी बार 17 जुलाई तक एडमिशन फार्म जमा करने तिथि बढ़ाई गई. लेकिन इसके बाद भी समस्या पहले की तरह यथावत रही, जिस कारण तीसरी बार 23 जुलाई तक तिथि बढ़ाई गई है.