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LUCKNOW : सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद माखी कांड के पीडि़तों और वकीलों की सुरक्षा सीआरपीएफ के हवाले कर दी गयी है। गुरुवार देर रात सीआरपीएफ की एक टीम ने केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में डेरा डाल दिया, जहां दुष्कर्म पीड़िता और उसका वकील भर्ती है। इसके अलावा पीड़िता के उन्नाव स्थित माखी गांव, रायबरेली स्थित जेल जहां पीड़िता का चाचा है और उनके दो अन्य वकीलों को भी सीआरपीएफ सिक्योरिटी कवर दिया गया है। रायबरेली जेल में पीड़िता के चाचा की सुरक्षा का खास ध्यान रखा जा रहा है ताकि उसके साथ कोई अप्रिय घटना न हो। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पीड़िता के चाचा को जल्द ही नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया जाएगा, इसके लिए गृह विभाग द्वारा जल्द आदेश जारी हो सकता है।

पीड़िता की सेहत पर टिकी नजरें
इसके अलावा सीबीआई की नजरें टॉमा सेंटर में भर्ती पीड़िता की हालत पर भी टिकी है। केजीएमयू के मीडिया प्रभारी प्रो। संदीप तिवारी ने शाम को जारी मेडिकल बुलेटिन में जानकारी दी कि पीड़िता और उसके वकील की हालत नाजुक किंतु स्थिर बनी हुई है। बताते चलें कि गुरुवार को पीड़िता की हालत में आंशिक सुधार देखने को मिला था, लेकिन उसका वेंटिलेटर सपोर्ट नहीं हटाया जा सका। पीड़िता को कल बुखार भी आया था जिसका डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया है। वहीं उसके वकील का वेंटिलेटर सपोर्ट हटा लिया गया है पर ट्यूब द्वारा ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ रही है। पीड़िता के परिजनों ने ट्रॉमा सेंटर में ही डेरा डाल रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता को नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराने का सुझाव दिया था पर उसके परिजनों ने ट्रॉमा सेंटर में ही ईलाज कराने की इच्छा जाहिर की जिसे मान लिया गया है।

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