कानपुर। टेस्ट क्रिकेट का इतिहास करीब 142 साल पुराना है। इस दौरान कई ऐतिहासिक और यादगार मैच खेले गए। ऐसा ही एक चर्चित मैच साल 1952 में हुआ था। जब भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर गई थी। चार मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच मैनचेस्टर में आयोजित किया गया। 17 से 19 जून तक चले इस टेस्ट में तीसरे दिन वो सबकुछ हुआ, जिसे देख पूरी दुनिया हैरान हो गई। भारत यह टेस्ट पारी और 207 रनों से हारा था जिसमें दोनों इनिंग में पूरी भारतीय टीम 100 का आंकड़ा तक नहीं छू पाई थी।

1952 में खेला गया था मैच
साल 1952 में भारत चार मैचों की सीरीज खेलने इंग्लैंड गया था। सीरीज का तीसरा टेस्ट 17 नवंबर को शुरु हुआ। इंग्लिश कप्तान सर लियोनार्ड हटन ने टाॅस जीतकर पहले बैटिंग का निर्णय लिया। कप्तान के शानदार 104 रनों की बदौलत मेजबान टीम ने 9 विकेट खोकर 347 रन पर पहली पारी घोषित की। अब बारी थी भारतीय बल्लेबाजों की, विजय हजारे की कप्तानी में टीम इंडिया जब बैटिंग करने मैदान में आई तो इंग्लिश गेंदबाजों के आगे किसी की नहीं चली। क्रिकइन्फो पर मौजूद डेटा के मुताबिक, पूरी भारतीय टीम 58 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम के तीन बल्लेबाज तो खाता भी नहीं खोल सके। विजय मांजरेकर ने भारत की तरफ से सबसे ज्यादा 22 रन बनाए। भारत की इस खस्ता हाल की असल वजह इंग्लिश गेंदबाज फ्रेड ट्रूमैन रहे। दाएं हाथ के गेंदबाज ट्रूमैन ने सिर्फ 8.4 ओवर में 31 रन देकर 8 भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया था।

दूसरी पारी भी 82 रनों पर सिमटी
पहली इनिंग में 58 रन बनाने के बाद भारत को फाॅलोऑन खेलना पड़ा। मगर इस बार भी स्थिति कुछ ज्यादा अच्छी नहीं रही। दूसरी पारी में पूरी भारतीय टीम 82 रनों पर सिमट गई। आठ बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाए। भारत की तरफ से सेकेंड इनिंग में हेमू अधिकारी ने सबसे ज्यादा 27 रन बनाए। मगर पूरी भारतीय टीम 36.3 ओवर में आलआउट हो गई और भारत यह मैच पारी और 207 रनों से हार गया था।

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