आगरा. आस्था और आश्चर्य से भरपूर एक क्विंटल से अधिक की रामचरित मानस सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. खास बात यह है कि इस पुस्तक को हाथ से लिखा गया है. एमजी रोड स्थित आगरा कॉलेज ग्राउंड में आगरा साहित्य उत्सव-2019 एवं राष्ट्रीय पुस्तक मेला में सजी यह किताब चर्चा का विषय बनी हुई है.

युवाओं के बीच चर्चा

हरियाणा के हिसार निवासी 70 वर्षीय जैकब हरमीत सिंह बताते हैं कि इन तीनों पुस्तकों को हाथ से लिखा है. इन विशालकाय पुस्तकों ने विश्वस्तर पर अपना नाम दर्ज कराया है. आगरा पुस्तक मेला में सजी धार्मिक पुस्तक रामचरित मानस, श्रीमद् भागवत गीता एवं बाइबिल को देखने के लिए युवाओं की भीड़ उमड़ रही है.

इंक में मिलाया गंगाजल

जैकब बताते हैं कि उन्होंने रामचरित मानस को लिखने में प्रयोग किए गए पेन की स्याही में गंगाजल का मिश्रण किया है. पुस्तक के हर पेज को लेमीनेट किया गया है. जिससे किसी प्रकार की क्षति न हो. इन पुस्तकों को एक जगह से दूसरी जगह रखने के लिए दो लोगों की जरूरत पड़ती है.

पूर्व प्रेसीडेंट से मिली प्रेरणा

जैकब सामान्य परिवार से हैं. वर्ष 2006 में उनकी पत्‍‌नी का लंबी बीमारी के कारण देहांत हो गया था. एक दिन अखबार में पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. अब्दुल कलाम द्वारा लिखी गई पंक्तियां 'लक्ष्य लेकर चलो तो ऊंचा लेकर चलो, छोटे लक्ष्य तो अपराध है' को पढ़कर उनके मन में कुछ कर गुजरने की लहर उठ गई. डॉ. कलाम से प्रेरित होकर उन्होंने धार्मिक पुस्तकों को हाथ से लिखने का बीड़ा उठाया.

रोजाना लिखते थे 10 से 15 घंटे

रामचरित मानस, श्रीमद् भागवत गीता और बाइबिल अपने हाथों से लिख चुके हरमीत सिंह बताते है कि इन तीनों धार्मिक पुस्तकों को लिखने में वह रोजाना 10 से 15 घंटे लगाते थे. उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों का इंडिया और गोल्डन बुक व‌र्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज किया जा चुका है. अब जैकब हरमीत कुरान लिखने की तैयारी में लग चुके है.

रामचरित मानस

वजन- 109 किलो 630 ग्राम

पेज=1700

पेज की चौड़ाई-22 इंच

पेज की लंबाई- 28 इंच

भाषा- संस्कृत, हिंदी एवं इंग्लिश

समय लगा- 11 महीनें 15 दिन

खर्च- करीब दो लाख रूपए

बाइबिल

वजन-120 किलो

पेज की लंबाई-28 इंच

पेज की चौड़ाई- 22 इंच

भाषा- इंग्लिश

कुल पेज- 1950

खर्च- दो लाख रूपए

श्रीमद् भागवत गीता

ा वजन-25 किलो

पेज की लंबाई-28 इंच

पेज की चौड़ाई- 22 इंच

भाषा- संस्कृत, हिंदी एवं इंग्लिश

कुल पेज- 225

खर्च- 40 हजार से 50 हजार रूपए