- आर्मी पर्सन के नाम पर ऑनलाइन आईडी बनाकर ठगी

- एक ही नाम के कई फर्जी आईडी से हो रही ठगी

- मोबाइल फोन और टू व्हीलर सस्ते में बेचने का झांसा

देहरादून. खुद को आर्मी पर्सन बताकर ऑनलाइन ठगी का काला धंधा धड़ल्ले से जारी है. ये धंधा चल रहा है ऑनलाइन मार्केटप्लेस ओएलएक्स पर. फौजी के नाम से फर्जी आईडी बनाकर शातिर ठग लोगों को सस्ते में सामान बेचने के नाम पर मोटी रकम का चूना लगा रहे हैं. ठगी होने पर पीडि़त साइबर सेल थाना पहुंच रहे हैं, लेकिन नॉ‌र्म्स के अनुसार 7 लाख रुपए से कम की ठगी के मामले साइबर सेल दर्ज नहीं करती ऐसे में उन्हें लौटना पड़ रहा है.

एक्टिवा सेल का झांसा, 21 हजार ठगे

रुड़की निवासी सोनू सिंह को एक्टिवा बेचने के नाम पर शातिर आरोपी ने 21 हजार रुपए एेंठ लिये. सोनू सिंह ने बताया कि 3 मार्च को वह ओएलएक्स पर एक्टिवा सर्च कर रहा था. उसे एक आर्मी पर्सन के नाम से संजय सिंह का अकाउंट मिला, जिसमें एक्टिवा सेल का एड था. उसने उससे एक्टिवा के बारे में क्वेरी की तो अकाउंट होल्डर संजय ने बताया कि वह आर्मी पर्सन है और जौलीग्रांट में पोस्टेड है, एक्टिवा उसके भाई का है, जिसे वह बेचना चाहता है. सोनू ने उसे एक्टिवा दिखाने के लिए कहा तो उसने बहाने बनाए और पहले ही उससे चार किश्तों में 21 हजार रुपए पेटीएम के जरिये अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिये. इसके बाद आरोपी का फोन स्विच ऑफ हो गया.

साइबर सेल ने भेजा थाने, केस दर्ज

ठगी का एहसास होने पर पीडि़त सोनू सिंह दून स्थित साइबर थाने पहुंचा, यहां उसे बताया गया कि 7 लाख रुपए से कम की ठगी का मामला साइबर सेल दर्ज नहीं करती, वह थाने जाए. इसके बाद पीडि़त ने रुड़की के एक थाने में तहरीर दी, केस दर्ज कर लिया गया है.

कितने फेक 'संजय'

दरअसल ऑनलाइन मार्केटप्लेस ओएलएक्स पर संजय सिंह नाम के एक फौजी का किसी ने फर्जी अकाउंट बनाया था. इसमें संजय के दस्तावेज भी लगाए गए थे. इस फर्जी अकाउंट के जरिए आरोपी करीब एक दर्जन फौजियों को ठग चुका था. पीडि़तों ने संजय की कंपनी में कंप्लेन कराई, संजय इस बीच विदेश था, वह वापिस लौटा तो उसे पूरी बात पता चली. इसके बाद उसने खुद साइबर थाने में आकर रिपोर्ट की और फर्जी अकाउंट बंद कराया गया. इसके बाद शातिर ठगों ने दोबारा उसी नाम से ओएलएक्स पर अकाउंट बनाया और ठगी की वारदातें आज भी उसी नाम से जारी हैं. जाहिर है, ठगों ने संजय के नाम पर कई अकाउंट बनाए हैं और एक अकाउंट बंद होने के बाद वे दूसरे अकाउंट से लोगों को ठगते हैं.

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टारगेट भी आर्मी पर्सन

ठगों द्वारा आर्मी पर्सन के नाम से ही अकाउंट बनाया गया है और इनका टारगेट भी कोई आर्मी पर्सन होता है. हालांकि रुड़की वाले मामले में ठगों ने आम आदमी को चूना लगाया. इससे पहले संजय नाम के फर्जी अकाउंट से एक दर्जन से भी ज्यादा फौजियों को आरोपी लूट चुके हैं.

सस्ते दाम पर सामान का लालच

शातिर मोबाइल और टू व्हीलर की फोटो खींच ओएलएक्स पर एड जारी करते हैं. सामान का दाम काफी कम रखा जाता है ताकि लोग लालाच में आकर उनके जाल में आसानी से फंस जाएं.

एक और नाम से ठगी

पीडि़त संजय सिंह ने ही बताया कि सीआईएसएफ मे तैनात एक जवान श्रीकांत के नाम पर भी ऑनलाइन ठगी हो रही है. श्रीकांत मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात है, उसके दस्तावेज कुछ दिन पहले खो गए थे. संजय के साथ भी ऐसा ही हुआ था. उसने अपने दस्तावेज खोने को लेकर आईएसबीटी चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

जालंधर का व्यापारी भी ठगा

फौजी संजय के नाम पर जालंधर में भी आरोपी एक व्यापारी को ठग चुका है. इसकी जानकारी भी संजय ने ही दी है. जालंधर के एक व्यापारी राजन वर्मा को मोबाइल फोन खरीदना था, वे ओएलएक्स पर सर्च कर रहे थे, उन्होंने भी संजय सिंह नाम की आईडी पर क्लिक किया, फर्जी आईडी से उसे एक मोबाइल फोन की फोटो भेजी गई, जिसकी कीमत 90 हजार रुपए थी और वह 16 हजार में बेचने को तैयार था. ठग ने उसे अपनी लोकेशन हरियाणा कैंट बताई थी. व्यापारी को विश्वास में लेकर उसने 16 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए ले लिये.

- इस तरह की ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आए हैं. एक फर्जी आईडी भी साइबर सेल द्वारा लॉक करवाई गई थी. सेल 7 लाख से ज्यादा रुपए की ठगी के मामले दर्ज करती है. इससे कम के मामले रेगुलर पुलिस थाने को भेज दी जाती है.

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भारत सिंह, इंस्पेक्टर, साइबर थाना