फीरोजाबाद. परिषदीय स्कूलों में हजारों शिक्षकों की भीड़ में क्या अंग्रेजी बोलने वाले दो दर्जन भी शिक्षक नहीं? मॉडल स्कूलों के लिए शिक्षकों की खोज तो यही बताती है. तीन मॉडल स्कूलों के लिए शिक्षकों के विभाग ने आवेदन मांगे तो मात्र 18 आवेदन विभाग के पास पहुंचे हैं. यह संख्या चौंकाने वाली है. ऐसा नहीं है फीरोजाबाद में अंग्रेजी जानने वाले शिक्षक नहीं. कई शिक्षक तो अंग्रेजी माध्यम से इंटर तक पास हैं तथा अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भी पढ़ा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी उनके द्वारा अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए आवेदन नहीं किए गए हैं.

विभाग को भी इतने कम आवेदन मिलने की उम्मीद नहीं थी. विभाग ने 17 जनवरी तक आवेदन मांगे थे, लेकिन मात्र चु¨नदा आवेदन ही विभाग को मिले हैं. इसके पीछे अहम वजह है मॉडल स्कूलों एवं परिषदीय स्कूलों के वेतन में कोई असमानता नहीं है, लेकिन मॉडल स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई में मेहनत खासी अधिक पड़ेगी. शायद इसी मेहनत से यह शिक्षक कन्नी काट रहे हैं. वहीं एक तरफ जहां परिषदीय स्कूलों में आम निरीक्षण होते हैं तो इन मॉडल स्कूलों पर अफसरों की सीधी नजर रहेगी. इन स्कूलों की प्रगति रिपोर्ट केंद्र सरकार तक जाएगी. शिक्षा विभाग से जानकारों की माने तो यही वजह है शिक्षक अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अपने चयन के लिए आवेदन से कन्नी काट गए हैं. इधर, विभाग अब इन्हीं 18 आवेदनों में से दस शिक्षकों के पदों पर चयन करने की तैयारी कर रहा है. इस संबंध में जिला कोआर्डीनेटर बालिका शिक्षा राजेंद्र सिंह कहते हैं जल्द ही चयन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी.

विभागीय कर्मी भी स्वीकारते हैं कि पहले से परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों से आवेदन मांगे थे लिहाजा इतनी कम संख्या में आवेदन मिले हैं. अगर इन्हीं पदों के लिए फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले नवीन शिक्षकों के आवेदन मांगे जाते तो दस पदों के लिए सैकड़ों की संख्या में आवेदन आ जाते. फीरोजाबाद के कई अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षक 15 से 20 हजार रुपये में पढ़ा रहे हैं तथा फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं.