कराची (पीटीआई)। मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी और उनके पति जावेद अख्तर ने पुलवामा में हुए हमले के बाद कैफी आजमी की जयंती पर पाकिस्तान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से उन्हें निमंत्रित करने वाले पाकिस्तान की साहित्यिक और कला समुदाय ने निराशा जाहिर की है। एक प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक ओमायर अलवी ने कहा कि शबाना और जावेद साहब को हमेशा से प्रगतिशील लोगों के रूप में देखा गया है, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान के संबंधों को बेहतर बनाने के पक्ष में बात की है। इसलिए पुलवामा की घटना पर उनकी प्रतिक्रिया कराची में कला और साहित्यिक समुदाय के लिए एक आश्चर्य की बात है।

पाकिस्तान जाने से कर दिया इनकार
शनिवार को पाकिस्तान की कला परिषद कराची ने दोनों कलाकारों के फैसले पर खेद जताया।कला परिषद के अध्यक्ष अहमद शाह ने अख्तर की बातों से निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा, 'उनकी टिप्पणी किसी साहित्यकार के लिए सही नहीं है।' बता दें कि बीते गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले से 41 जवान शहीद हुए। यह हमला जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद ने विस्फोटक कार के जरिए किया। इस घटना के बाद आजमी ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने और उनके पति जावेद अख्तर ने कराची में आयोजित होने वाले कैफी आजमी के जयंती समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। कराची कला परिषद ने दो दिवसीय कार्यक्रम के लिए दोनों को पाकिस्तान आमंत्रित किया था।

आजमी ने फेरा उम्मीदों पर पानी
कला परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि आजमी ने उनके उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं उनकी आलोचना नहीं कर रहा हूं लेकिन पुलवामा हमले के बाद जिस तरह का फैसला उन्होंने लिया है, उससे हमें बहुत दुख हुआ है।' बता दें कि कवि कैफी आजमी की 100वीं जयंती मनाने के लिए 23 और 24 फरवरी को पाकिस्तान की कला परिषद एक सम्मेलन आयोजित कर रही है।

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