- सरकारी, अ‌र्द्ध सरकारी के अलावा निजी स्कूलों का भी होगा पैनल इंस्पेक्शन

- दून के 18 स्कूलों को किया जाएगा शामिल, बोर्ड एग्जाम से पहले तैयार होगी रिपोर्ट

देहरादून, स्कूलों में अब पैनल इंस्पेक्शन के नाम पर खानापूर्ति नहीं होगी, इंस्पेक्शन करने वाली टीम अब स्कूलों में वित्तीय संसाधन व अन्य सुविधाओं की रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही, हर स्कूल में पढ़ाई का लेवल और तौर-तरीकों को भी परखा जाएगा. इंस्पेक्शन के दौरान टीचर्स को पढ़ाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

हर ब्लॉक में 3 स्कूलों का इंस्पेक्शन

बोर्ड एग्जाम से पहले राजधानी के सरकारी, अ‌र्द्ध सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षा विभाग द्वारा पैनल इंस्पेक्शन कराया जा रहा है. इसके लिए प्लान तैयार कर लिया गया है और स्कूलों को चिन्हित करने की कवायद भी शुरू कर दी गई है. दून के हर ब्लॉक से 3 स्कूलों का चयन किया जाएगा, जिनमें एक-एक सरकारी, अ‌र्द्ध सरकारी और निजी स्कूल को शामिल किया जाएगा. पहले चरण में 18 स्कूलों का पैनल इंस्पेक्शन किया जाएगा. इंस्पेक्शन करने वाली टीम में तीन से चार प्रिंसिपल शामिल किए जाएंगे.

यह जायजा लेगी टीम

- स्कूल की वित्तीय हालात.

- जरूरी सुविधा और संसाधनों की पड़ताल.

- स्टूडेंट्स का मेंटल लेवल चेक करना.

- टीचर्स के पढ़ाने के तरीके का जायजा लेना.

- टीचर्स को पढ़ाने की ट्रेनिंग और टिप्स देना.

बोर्ड एग्जाम से पहले स्कूलों की रिपोर्ट

प्रदेश में शिक्षा का स्तर सुधारने और स्कूलों में पढ़ाई के लेवल को चेक करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा पैनल इंस्पेक्शन कराया जा रहा है. इस दौरान स्कूलों को किस चीज की आवश्यकता है, क्या बेहतर किया जा सकता है, किस स्कूल में क्या अच्छा है जो दूसरे स्कूल सीख ले सकते हैं. इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की जाएगी. जिससे दूसरे स्कूलों को भी बताया जा सके. सबसे खास बात इस दौरान स्कूलों में टीचर्स के पढ़ाने के तरीकों को चेक करने और एक्सप‌र्ट्स द्वारा टीचर्स की क्लास लेना रहेगा. शिक्षा विभाग की कोशिश है कि इस पहल की रिपोर्ट बोर्ड एग्जाम से पहले तैयार किया जा सके, जिससे कमियां और अच्छाई को दूसरे स्कूलों तक पहुंचाया जा सके.

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पैनल इंस्पेक्शन के लिए टीम तैयार की जा रही है. जो हर ब्लॉक के 3 स्कूलों में निरीक्षण कर टीचर्स को भी ट्रेंड करेगी.

एसबी जोशी, सीईओ