नई दिल्ली (आईएएनएस)। पार्टी नेता आनंद शर्मा ने राज्यसभा में कहा कि चारों नेताओं को एसपीजी कवर की बहाली राष्ट्रहित में है। शर्मा ने कहा कि पार्टी के चारों नेताओं की व्यक्तिगत सुरक्षा और जीवन को खतरा है और इसलिए सरकार को 'पक्षपातपूर्ण राजनीति' से ऊपर उठने और SPG कवर को बहाल करने की जरूरत है। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा, 'कृपया इस से ऊपर उठें और समीक्षा करें और बहाल करें। यह राष्ट्रीय हित में होगा अन्यथा नीयत पर आज, कल और भविष्य में सवाल उठेंगे।'

राजनीतिक हस्तक्षेप की बात से इनकार

शर्मा ने नियम 267 के तहत राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को एक नोटिस भी दिया है। कांग्रेस पार्टी अपने चार शीर्ष नेताओं के सुरक्षा कवर को अपग्रेड करने के मुद्दे को उठा रही है। इसने लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से फैसले की समीक्षा करने की मांग की। मोदी सरकार हालांकि, इस पर टस से मस नहीं हो रही है, उसने साफ किया है कि इस तरह के निर्णय गृह मंत्रालय पैनल द्वारा खतरों की गहन समीक्षा पर आधारित हैं और इसमें कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।

दोहराई मांग, दिलाया याद 

एसपीजी कवर को बहाल करने का विषय उठाते समय, राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 10 साल से पद पर थे। इसके अलावा, सोनिया गांधी यूपीए की अध्यक्ष होने के अलावा, शहीद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की बहू और शहीद प्रधान मंत्री राजीव गांधी की पत्नी हैं। 'इसलिए, खतरे की धारणा का बहुत स्पष्ट मूल्यांकन है। एसपीजी कवर को वापस लेने से उन्हें खतरा है,' आनंद शर्मा ने कहा। उन्होंने आगे कहा कि 'इसके अलावा, यह राज्य की जिम्मेदारी है कि वह अपने नेताओं की रक्षा करे। मुझे याद है कि, जब यूपीए सत्ता में था, इस पहलू पर विचार कर रहा था, किसी भी पूर्व प्रधानमंत्रियों का सिक्योरिटी कवर जिसमें, मैं कोई राजनीतिक बात नहीं कर रहा हूं, अटल बिहारी वाजपेयीजी का 10 वर्ष तक जारी रहा। परेशान थे। अन्य सभी...न तो उनका कवर कम किया गया न ही हटाया गया।'

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