नई दिल्ली (एएनआई)। देश में इजरायल की सर्विलांस कंपनी एनएसओ ग्रुप के सॉफ्टवेयर पेगासस को लेकर हंगामा मचा है। ऐसे में केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि पेगासस स्पाइवेयर एक इजरायली वर्गीकृत हथियार है। इसे आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया गया है। हालांकि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसका इस्तेमाल भारतीय राज्य और हमारी संस्थाओं के खिलाफ किया है। उन्होंने कहा, उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया है..उन्होंने कर्नाटक में इसका इस्तेमाल किया है। उन्होंने इसका इस्तेमाल जांच में बाधा डालने के लिए किया है। उन्होंने इसका इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ किया है... उन्होंने इस देश के सभी संस्थानों के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया है। इसके लिए कोई दूसरा शब्द नहीं है बस एक ही शब्द है देशद्रोह।

विपक्ष ने पेगासस स्पाइवेयर का विरोध किया

इससे पहले आज, कांग्रेस, द्रमुक और शिवसेना के सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर के अंदर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने कथित पेगासस स्पाइवेयर का विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग की। सांसदों ने पेगासस स्नूप गेट के नारे वाले बैनर लिए। इससे पहले गुरुवार को टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने राज्यसभा में पेगासस मामले पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथों से कागज छीन लिया था। इसके बाद उसके टुकड़े कर हवा में फेंक दिये थे। पेगासस मुद्दे पर केंद्र और विपक्ष के बीच गतिराेध जारी है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि कई भारतीय राजनेताओं, पत्रकारों, वकीलों के नाम और कार्यकर्ता के अकाउंट की जानकारी पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग कर हैक की गई है।

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