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PATNA : पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट मणिभूषण प्रताप सेंगर ने जनहित याचिका दायर कर सुपर 30 के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है.

कोचिंग एक्ट का हुआ उल्लंघन
उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार के साथ आनंद और प्रणव को पार्टी बनाया है. एडवोकेट ने पूरे मामले को इंटरनेशनल लेवल पर स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है जिससे प्रदेश व देश की छवि खराब होने की बात कही है. आनंद और उनसे जुड़े लोगों ने बिहार कोचिंग एंड इंस्टीट्यूट (कंट्रोल एंड रेगुलेशन) एक्ट 2010 का पूरी तरह से उल्लंघन किया है.

जनहित याचिका के लिए यह है बड़ा आधार
जनहित याचिका को लेकर एडवोकेट मणिभूषण प्रताप सेंगर ने कई बिंदुओं को आधार बनाया है. इसमें सुपर 30 के आनंद कुमार और उनके भाई द्वारा की जा रही धोखाधड़ी के साथ इनकी संस्था व सरकार के जिम्मेदारों पर भी कई सवाल खड़े किए हैं.
1- क्या बिहार सरकार, आनंद कुमार और प्रणव कुमार को अधिकार है स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का?
2- क्या आनंद कुमार और उनसे जुड़े लोगों को अधिकार है कि वे फ्रॉड करे?
3- क्या आनंद कुमार और उनसे जुड़े लोगों को अधिकार है कि आर्थिक अपराध करें और सरकार, स्टूडेंट्स और अभिभावकों के सपनों को तोड़े व धोखाधड़ी करें?
4- क्या आनंद कुमार और उनसे जुड़े लोगों की गतिविधियों से बिहार और भारत का नाम प्रभावित नहीं हो रहा है?
5- क्या इन सभी व्यक्तियों को आपराधिक नियम संहिता के तहत सजा नहीं मिलनी चाहिए?
6- क्या इन्होंने कोचिंग रजिस्ट्रेशन एक्ट की अवहेलना नहीं की?
7- क्या इसमें सरकार ने अपने पावर का दुरुपयोग किया है?
8- क्या आनंद कुमार और उनसे जुड़े लोगों द्वारा जो धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियां हुई हैं यह उसके जिम्मेदार नहीं हैं?
9- क्या सरकार एवं उसमें शामिल सभी लोगों की गतिविधि एवं कार्यशैली अमानवीय, अप्राकृतिक, अवैध, अनैतिक और अन्यायपूर्ण नहीं है?
10- क्या इतना होने के बावजूद दोषियों पर धोखाधड़ी का वाद नहीं चलाना चाहिए?
11- आम नागरिकों, स्टूडेंट्स और सरकार के साथ धोखे के लिए क्या आनंद और उनसे जुड़े लोगों पर वाद नहीं चलाना चाहिए?
12- आनंद और उनसे जुड़े लोगों द्वारा जो अवैध रूप से धन उगाही हो रही है क्या

उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?

पीआईएल में 14 हैं पार्टी
1- द यूनियन ऑफ इंडिया द्वारा सेक्रेटरी नई दिल्ली
2- सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन वाया डायरेक्टर नई दिल्ली
3- डायरेक्टर जनरल इंफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट नई दिल्ली
4- बिहार सरकार वाया चीफ सेक्रेटरी पटना
5- प्रिंसिपल सेक्रेटरी गृह विभाग, पटना
6- प्रिंसिपल सेक्रेटरी एजुकेशन डिपार्टमेंट
7- प्रिंसिपल सेक्रेटरी सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट
8- चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स पटना
9- रजिस्ट्रार कोचिंग इंस्टीट्यूट पटना
10- डिविजनल कमिश्नर पटना डिवीजन
11- डीएम पटना
12- एसएसपी पटना
13- आनंद कुमार, संचालक सुपर 30 कुम्हरार भागवतनगर पटना
14- प्रणव कुमार रामानुजम क्लासेस एवं सुपर 30 कुम्हरार भागवत नगर पटना

जांच कराकर जब्त की जाए संपत्ति
एडवोकेट ने जनहित याचिका में न्यायालय से सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि आनंद और उनके भाई प्रणव की आर्थिक गतिविधियों के साथ पूरे परिवार की सम्पत्ति व आय-व्यय के ब्योरे की जांच कराई जाए. संबंधित ब्योरा गलत पाए जाने पर सभी प्रॉपर्टी को सीज करें. इसके लिए एडवोकेट ने कई आधार भी दिए हैं, जिसमें बताया गया है कि प्रदेश ही नहीं पूरे देश में स्टूडेंट्स के कैरियर के साथ बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है. स्टूडेंट व गार्जियन का एक बड़ा मास इस संस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है.