- बेगमबाग में गुरुवार रात को की गई थी हत्या

- मुखाग्नि देने के लिए बेटे को न लाने से रोष

- ससुरालियों पर दर्ज कराया गया है दहेज हत्या का मुकदमा

Meerut : बेगमबाग में दहेज के लिए आरती की हत्या के मामले में शुक्रवार को बखेड़ा हो गया. पोस्टमार्टम के बाद शव के अंतिम संस्कार के लिए मृतका के बेटे को नहीं लाए जाने पर मायके पक्ष ने शव बेगमपुल पर रखकर जाम लगा दिया. लालकुर्ती पुलिस ने किसी तरह से परिवार के लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया. रात करीब नौ बजे तक आरती का शव सूरजकुंड स्थित श्मशान में रखा रहा, लेकिन बेटे को लेकर ससुराल पक्ष नहीं पहुंचा.

बेटे को लाने की मांग

बेगमबाग निवासी आरती पत्‍‌नी तरुण पंजवानी की संदिग्ध परिस्थितियों में गुरुवार देर रात मौत हो गई थी. परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए आरती के पति तरुण और उसके परिजनों पर लालकुर्ती थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. शुक्रवार को दो डॉक्टरों की टीम ने आरती के शव का पोस्टमार्टम किया. इस दौरान लालकुर्ती पुलिस मौके पर मौजूद रही. वहां से शव लेकर आरती के परिजन सदर थानाक्षेत्र में रविंद्रपुरी कालोनी स्थित आवास पहुंचे. परिजन अंतिम संस्कार के लिए आरती के डेढ़ माह के बेटे को लाने के लिए ससुराल पक्ष से कहते रहे, लेकिन शाम तक ससुराल पक्ष नहीं पहुंचा. गुस्साए परिजनों ने आरती का शव बेगमपुल पर रखकर जाम लगा दिया.

भाई ने किया अंतिम संस्कार

सूचना पर सदर और लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची. एएसपी कैंट संकल्प शर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत किया. इस दौरान पुलिस और आरती के परिजनों में बहस भी हुई. हंगामे के बाद शव को सूरजकुंड श्मशान घाट पर इस आश्वासन पर भेजा गया कि पुलिस आरती के बेटे को लेकर आएगी. रात करीब नौ बजे तक पुलिस बच्चे को लेकर श्मशान घाट नहीं पहुंची थी. बाद में आरती के भाई अमरदीप ने ही अंतिम संस्कार किया.

गला दबाकर की गई हत्या

आरती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि हत्या गला दबाकर की गई है. हालांकि पुलिस अधिकारी अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं.