सीसीएसयू में हॉस्टल में एंटी रैगिंग अलार्म लगाने का प्लान फेल

- नहीं लगा एक भी हॉस्टल में एंटी रैगिंग के लिए अलार्म

- वीसी ने तीन महीने पहले दिए थे अलार्म लगाने के निर्देश

Meerut . सीसीएस यूनिवर्सिटी के हॉस्टल्स में एंटी रैंगिग अलार्म रैगिंग जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाएंगे, इसके लिए सीसीएस यूनिवर्सिटी वीसी साहब ने तीन महीने पहले ही निर्देश जारी किए थे. यूजीसी के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए ही रैगिंग से छुटकारा पाने के लिए ये प्लान बनाया गया था. पर न तो कोई हॉस्टल में अलार्म लगा न ही कोई सिक्योरिटी का नया इंतजाम है. ऐसे में एंटी रैगिंग अलार्म प्लान पहले ही फेल हो गया है.

वीसी के थे निर्देश

सीसीएस यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एनके तनेजा ने अभी तीन महीने पहले ही यूजीसी के निर्देशों पर यूनिवर्सिटी में एंटी रैगिंग के लिहाज से कई अभियान बोर्ड, शिकायती सेल को एक्टिव होने के लिए कहा था. इसके अलावा तीन महीने पहले ही हॉस्टल्स में एंटी रैगिंग अलार्म लगाने के लिए भी निर्देश दिए गए थे. लेकिन तीन महीने बाद भी अभी तक एक भी अलार्म नहीं लगा है.

आठ हॉस्टल में नहीं अलार्म

सीसीएसयू के कैम्पस में हम हॉस्टल्स की बात करें तो यहां छह ब्वॉयज व दो ग‌र्ल्स हॉस्टल्स है. इसके अलावा छोटूराम के कैम्पस में भी हॉस्टल्स है. इन हॉस्टल्स में टोटल दो हजार के आसपास स्टूडेंट्स है. इनमें तीन सौ के आसपास ग‌र्ल्स भी है. लेकिन इन हॉस्टल में एक भी एंटी रैगिंग अलार्म नहीं लग पाया है. जिससे रैगिंग का डर रहता है.

क्या कहते हैं स्टूडेंटस

कैम्पस के किसी भी हॉस्टल में अभी कोई अलार्म नहीं है. अलार्म होना बहुत ही जरुरी है, इससे रैगिंग का डर नहीं रहता है.

-नितिश

अक्सर जब नए स्टूडेंट्स आते हैं तो उनकी रैगिंग की शिकायतें तेज हो जाती है. वैसे तो वार्डन सख्त रहते है, लेकिन एंटी रैगिंग अलार्म बहुत ही फायदेमंद है.

-कुणाल

रैगिंग के लिए एंटी रैगिंग अलार्म लगाना बहुत ही आवश्यक है. इससे रैगिंग होने पर स्टूडेंट्स तुरंत मदद मांग सकते हैं.

-करण

खासतौर से ग‌र्ल्स हॉस्टल में अलार्म होना बहुत ही जरुरी है. लेकिन यहां अभी किसी भी हॉस्टल में अलार्म नहीं लगा है.

-इशांक

ऑफिशियल स्टैंड

हॉस्टल में एंटी रैगिंग सेल अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाने का प्रयास कर रहा है. एंटी रैगिंग अलार्म भी जल्द ही लगने वाले हैं.

-प्रो. एनके तनेजा, वीसी, सीसीएसयू