नई दिल्ली (एएनआई)। प्रयागराज में कन्या सुमंगला योजना की लांचिंग के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत एक लाख बेटियों के खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर करने का मौका मिल रहा है। इस योजना से राज्य की बेटियों को लाभ मिलेगा। इनमें से ज्यादातर बेटियां ऐसी हैं जिनके पास कुछ समय पहले तक अपना खाता तक नहीं था। लेकिन अब उनके पास डिजिटल बैंकिंग की ताकत है।'

डबल इंजन की सरकार बेटियों के सशक्तिकरण पर कर रही काम

महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की कैबिनेट ने महिलाओं के विवाह की उम्र 18 वर्ष से बढ़ा कर 21 वर्ष कर दी लेकि कुछ लोगों को ऐसा करना अच्छा नहीं लग रहा है। वे इस फैसले से परेशान घूम रहे हैं। बीजेपी की डबल इंजन की केंद्र और राज्य सरकार लगातार बेटियों के भविष्य को बिना भेदभाव के सशक्त करने पर काम कर रही है। इसी को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने फैसला किया है। पहले बेटों की शादी की उम्र 21 वर्ष थी लेकिन बेटियों के विवाह की उम्र 18 वर्ष थी।

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से कन्या भ्रूण हत्या पर रोक

पीएम ने कहा कि बेटियाें को पढ़ने, विकास और बराबर का मौका पाने के लिए समय चाहिए। इन्हीं सब को देखते हुए उनके विवाह की उम्र को बढ़ा कर 21 वर्ष कर दी गई है। देश ने यह फैसला बेटियों के लिए लिया है लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें इस फैसला से बड़ी दिक्कत हो रही है। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके जरिए कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने का सार्थक प्रयास किया।

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