- कपिल के भाई ने कहा 6 जनवरी की दोपहर को गांव से उठाकर लाए

-अशोक का भाई बोला- 5 दिसंबर को दिल्ली से गांव आते समय पकड़ा

-दोनों की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल

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BAREILLY: दो बदमाशों को मारे अभी 24 घंटे नहीं बीते थे कि पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे. परिजनों का आरोप है कि पुलिस दोनों युवकों को गांव से पकड़कर लाई और यहां लाकर मार दिया. एनकाउंटर में मारे गए संभल के असमौली थानाक्षेत्र चितावली निवासी अशोक (40) व ऐचवाड़ा गांव के कपिल (35) को मुठभेड़ में मारने के बाद पुलिस जहां अपनी पीठ ठोक रही है. वहीं परिजनों ने मुठभेड़ को फर्जी करार दे दिया है.

गांव से पकड़कर लाने का आरोप

कपिल के भाई सुरेन्द्र ने बताया कि 6 जनवरी की दोपहर को एक सिपाही ने कपिल को मिलने के लिए गांव से बाहर बुलाया. जिस सिपाही ने उसे बुलाया वह पहले अमरोहा में था अब उसकी तैनाती बरेली में है. उसे वह शक्ल देखकर पहचान लेगा. सिपाही के कहने पर कपिल गांव के बाहर की तरफ गया. इसी दौरान सफेद रंग की एक गाड़ी में उसे बैठा लिया. गाड़ी में अशोक पहले से ही बैठा था. इसके बाद दूसरे दिन यहां लाकर पुलिस ने दोनों को मार दिया. सुरेन्द्र ने बताया कि सिपाही बार-बार कपिल से यह कह रहा था कि अमरोहा में वारदात हुई है उसमें उसका नाम आ रहा है वह उसका नाम निकलवा देगा. इसी भरोसे में लेकर उसे गाड़ी में बैठाकर ले गए. कपिल के दो लड़के अभिषेक (14) ़ आदित्य (12) व पत्नी रिमता देवी है. वहीं मारे गए अशोक वाल्मीकि के छोटे भाई विमल ने बताया कि उसका भाई दिल्ली के इन्द्रानगर में रहकर ड्राइवरी करता था. पांच जनवरी को वह इन्द्रानगर से गांव के लिए निकला था. इसके बाद रास्ते में कहीं से पुलिस ने उसे पकड़ लिया और बरेली लाकर मार दिया. विमल ने बताया कि होंडा शाइन बाइक अशोक की है. पुलिस ने बाइक यहां लाकर डाली है. अशोक के छह बच्चे हैं. इनमें चार लड़कियां मिक्की (21), डॉली (18), आरूषि (15) व कल्लो (13) के अलावा बेटे गौरव (10) व आयुष (8) हैं. घटना के बाद पत्‌नी ममता का रो-रोकर बुरा हाल है. अशोक ने अपनी पत्‌नी ममता व अपना नाम तो हाथ में गुदवा रखा था.

मुठभेड़ की करवाएंगे सीबीआई जांच

अशोक व कपिल के परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस की मुठभेड़ सही है तो वह सिर्फ इतना बता दे कि आठ घंटे तक दोनों लोग बरेली में क्या कर रहे थे, कहां थे. जो शहर में सुबह साढ़े पांच बजे लूट करेगा वह दोपहर दो-ढाई बजे तक शहर में क्यों रुकेगा. आठ घंटे में तो कोई भी दिल्ली पहुंच जाएगा. परिजनों की मांग है कि अशोक और कपिल के मोबाइल की सर्विलांस से लोकेशन निकाल ली जाए, सच्चाई सामने आ जाएगी. अगर बदमाशों ने लूट की है तो पता चल जाएगा. लेकिन पुलिस ने तो अशोक का मोबाइल तक बरामद होना नहीं दर्शाया है. मारे गए दोनों युवकों के परिजनों ने कहा है कि वह खामोश नहीं बैठेंगे. सीबीआई जांच की मांग करेंगे. दोषी पुलिसकर्मियों को इन दोनों मौतों का जवाब देना होगा.