पटना (ब्यूरो)। दरअसल, साइबर क्रिमनल ने ठगी का नया तरीका खोज लिया है। पुलिस अभी तक साइबर क्राइम होने के बाद ये पता करती थी कि ठगी का रुपया किसके खाते में गया है। इसके बाद पुलिस उस संबंधित व्यक्ति को पकड़ लेती है। इसको देखते हुए साइबर क्रिमनल भी हाइटेक हो गए हैं और उन लोगों ने ठगी का नया तरीका चुन लिया है। वो लोग आपके खाता को हैक कर दूसरे खाते से रुपया डाल रहे हैं और उसे बाद में निकाल लेते हैं। इस तरह की घटनाएं इन दिनों पटना में तेजी से बढ़ रही है। हैरानी की बात ये है कि आम लोगों के साथ-साथ पुलिस भी साइबर ठगों के निशान पर है।

ऐसे कर रहे हैं ठगी

साइबर अपराधी ए के खाते को हैक कर रहे हैं। इसके बाद उसके खाते से भी रुपये निकाल ले रहे हैं। इसके बाद बी, सी और डी के खाते को हैक कर रहे हैं। हैक करने के बाद उसके खाते के रुपये को ए के खाते में ट्रांसफर कर दे रहे हैं। इसके बाद ए के एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर किसी भी एटीएम से 20-20 हजार रुपये करके पूरा पैसा निकाल लेते हैं। जब तक लोगों को पता चलता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है और उसका खाता साफ हो चुका होता है।

कहां से आ रहा एटीएम कार्ड

साइबर एक्सपर्ट राजेश कुमार ने बताया कि साइबर एक्सपर्ट एटीएम मशीन में स्कीमर लगा देते हैं। इसके साथ ही एटीएम के ऊपर हाइड कैमरा लगा देते हैं। जैसे ही कोई कार्ड उसमें डालता है उसका पूरा डाटा स्कीमर में रिकॉर्ड हो जाता है। शाम में हैकर स्कीमर निकाल लेते हैं। इसके बाद ब्लैंक कार्ड में एटीएम का डाटा ट्रांसफर कर क्लोन एटीएम तैयार करते हैं। सीसीटीवी कैमरे से पिन नंबर निकालते हैं और उसके खाते में आए रुपये को एटीएम से निकाल लेते हैं।  

इस तरह से बना रहे निशाना

केस : 1

पटना के दंगा नियंत्रण दस्ता के सिपाही चंद्र प्रकाश का एसबीआई में खाता है। 6 सितंबर को उनके खाते से 40 हजार रुपये ट्रांसफर हो गया। इसके बाद भोजपुर के एटीएम से 10 हजार रुपये की निकासी हुई। जब इनके पास मैसेज आया तो उनके होश उड़ गए। चंद्र प्रकाश ने बताया कि मैंने न तो किसी से ओटीपी शेयर किया और नहीं एटीएम कार्ड नंबर। इसके बाद भी खाते से रुपया निकल गया। बाद में जब मैंने पड़ताल किया तो पता चला कि मेरे खाते से लखनऊ में तैनात यूपी पुलिस के हवलदार हरिशंकर के खाते में रुपया ट्रांसफर हुआ है। बाद में सिपाही चंद्र प्रकाश ने थाने में इसकी शिकायत की।

केस : 2

मसौढ़ी अनुमंडल रिजर्व गार्ड में तैनात सिपाही धरबिंद कुमार के खाते में 29 अगस्त को 39,121 रुपये सैलरी आई। उन्होंने 30 अगस्त को मसौढ़ी के एटीएम से रुपया निकाला। उसी दिन इनके कार्ड से रात में 20 हजार और 17 हजार रुपया जहानाबाद एटीएम से हैकरों ने निकाल लिया। इसके बाद 31 अगस्त को इनके खाते में सोनकुकरा मध्य विद्यालय के शिक्षक के खाते से 40 हजार रुपये सिपाही धरबिंद कुमार के खाते में ट्रांसफर हुआ। उसी दिन 20-20 हजार रुपये करके गया के एटीएम से निकाल लिए। इसके बाद उनके खाते में 2 सितंबर को झारखंड के एक बैंक के वरीय अधिकारी पीटर लकड़ा के खाते से 40 हजार रुपये सिपाही धरबिंद के खाते में ट्रांसफर हुआ। ये पैसा भी सिपाही के एटीएम कार्ड से पटना के एटीएम से 20-20 हजार रुपये करके निकाल लिए।

केस: 3

पाटलिपुत्र निवासी मनोज कुमार का एसबीआई में खाता है। मनोज कुमार के खाते को हैकरों ने हैक कर लिया था। हैक करने के बाद हैकरों ने उनके खाते से 23 हजार रुपया निकाल  लिया। इसके बाद हैकरों ने उनके खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए। मनोज को लगा कि उनके खाते से कटा पैसा वापस आ गया और उन्हे अधिक राशि मिल गई। इस पर उन्होंने कोई रिएक्शन नहीं किया। दो घंटे बाद ही उनके खाते से 20-20 हजार रुपये कर जहानाबाद के एटीएम से रुपया ट्रांसफर हो गया। जब उन्हें पता चला तो वो थाने गए और इसकी शिकायत की। पुलिस ने जब पड़ताल की तो पता चला कि मनोज पर ही ठगी का मुकदमा दर्ज है, क्योंकि उनके खाते में दूसरे के खाते से रुपया आया था। यह देख मनोज सन्न रह गए और उन्होंने पुलिस को पूरी कहानी बताई।

आए दिन हो रही ठगी

वर्ष    शिकायत

2014    84

2015    187

2016    167

2017    150

2018    141

2019    93

(नोट : आंकड़ें पटना पुलिस के साइबर सेल के हैं।)

पटना में किस तरह के हो रहे ठगी

-77 एटीएम ठगी

-37 फेसबुक से ठगी

-12 इमेल से ठगी

-04 वाट्सएप से ठगी।

- 03 वेबसाइट से ठगी।

-08 लैपटॉप से ठगी।

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Posted By: Vandana Sharma

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